घोड़ा गधा और झूठा – Moral Story In Hindi । Hindi Stories । Best Moral Stories ।

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घोड़ा गधा और झूठा – Moral Stories In Hindi

» एक दिन एक घुड़सवार अपने  गुस्सेल घोड़े को बेचने के लिए बाजार ले जा रहा था _चलते चलते उसे बहुत तेज भूख लगी _ और वो भोजन करने के लिए एक जंगल में रुक गया _ उसने एक पेड़ से घोड़े को बांध दिया _घोडा पेड़ नीचे लगी घाँस को घोड़ा को खाने लगा !

» और वह घुड़सवार भी वहीं बैठकर भोजन करने लगा !

» तभी एक आदमी अपनें गधे के साथ वहाँ आया _ और उसी पेड़ के नीचे अपने गधे को बांधने लगा _ जहां पर पहले से ही घोड़ा बांधा हुआ था _ यह देखकर घोड़े का मालिक बोला !

» कि भाई अपने इस गधे को इस पेड़ पर मत बांधों _ क्योंकि मेरा घोड़ा बहुत ही ज्यादा गुस्सेल है _दूसरे जानवरों को देखकर यह उसे मारने लगता हैं _ और अगर तुम इस गधे को मेरे घोड़े के पास बाँधोगे _ तो मेरा घोड़ा तुम्हारे घोड़े को मारने लगेगा !

» तभी गधे का मालिक बोला  ” यह पेड़ केवल तुम्हारा नहीं हैं _ और मैं तो इस पेड़ के नीचे ही अपनें गधे को बाँधूँगा _ घोड़े का मालिक बोला _ यदि तुम मेरी बात नहीं मानोगे _ तो तुम खुद इसके जिम्मेदार होंगे _ गधे का मालिक नहीं माना _ और अपने गधे को उसी पेड़ के नीचे बांध कर चला गया !

» थोड़ी ही देर मे घोड़े ने गधे को लाते मार मार कर नीचे गिरा दिया _ इससे पहले की घोड़े का मालिक उसे संभाल पाता _ घोड़े ने बुरी तरह से लाते मार मार कर उस गधे को जान से मार डाला !

» तभी गधे का मालिक आया _ और अपने मरे हुए गधे को देखकर जोर जोर से चिल्लाने लगा !

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» “अरे मेरा गधा ” अरे तुम्हारे घोड़े ने मेरे गधे को मार डाला _ अब मुझे मेरा गधा लाकर दो _ नहीं तो मैं तुम्हें यहाँ से जाने नहीं दूँगा _घोड़े का मालिक बोला _ मैंने तो तुम्हें पहले ही बोला था _ कि मेरा घोडा गुस्सेल है _ वह तुम्हारे इस गधे को मार देगा _ पर तुमने मेरी एक बात ना मानी _ अब इसकी जिम्मेदारी तुम्हारी हैं _ क्योंकि मैं म्हले ही तुम्हें सावधान कर चुका था _ अब उन दोनों में बहस होने लगी !

» तभी एक एक तीसरा व्यक्ति उनका झगड़ा देखकर वहाँ आया _ और बोला

» तुम दोनों को राजा के दरबार मे जाना चाहिए _ वही तुम दोनों का न्याय करेंगे _ वो दोनों उस व्यक्ति की सलाह मानकर राजा के पास न्याय के लिए चले दिए !

» दरबार मे राजा ने गधे के मालिक से पूछा _ तुम पूरी बात बताओ _ तुम्हारा गधा कैसे मरा ??

» गधे का मालिक बोल महाराज मेरा गधा और इसका घोड़ा एक ही पेड़ के नीचे बंधे थें _ कि अचानक इसका घोड़ा पागल हो गया _ और उसने मेरे गधे को मार दिया !

» फिर राजा ने घोड़े के मालिक से पूछा _ क्या तुम्हारे घोड़े ने ही इसके गधे को मारा हैं _ बताओ _ तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहें हो _ क्या यह सच हैं _ बार – बार पूछने पर भी घोड़े का मालिक कुछ ना बोल _ ” राजा बोला क्या तुम गूंगे और बहरे हो ” _ ?? क्या तुम बोल नहीं सकते _ ??

» फिर गधे का मालिक बिना सोचे समझे ही अचानक बोल पड़ा _ महाराज यह व्यक्ति गूंगा और बहरा नहीं हैं _ कल पेड़ के पास तो ये मुझसे खूब चीख चीख कर बोल रहा था _ कि अपने घोड़े को इधर मत बांधों _ मेरा घोडा गुस्सेल है _ वो तुम्हारे गधे को मार देगा _ अब आपके सामने ये गूंगा बहरा बनने का नाटक कर रहा हैं !

» यह सुनते ही तुरंत घोड़े का मालिक बोल !

» महाराज क्षमा करें यह गधे का मालिक बार बार झूठ पर झूठ बोल रहा था _ इसीलिए मैंने चुप रहने का नाटक किया _ ताकि यह कोई गलती करते हुए अपने मुह से खुद सच्चाई बोल दे _ और इसने ऐसा ही किया !

» घोड़े के मालिक की बात सुनकर राजा मुस्कुराने लगे _ और गधे के मालिक से बोले _ कि इसने तुम्हें पहले ही सावधान कर दिया था _ कि घोड़ा गुस्सेल हैं _ और गधे को यहाँ मत बांधों _ मगर तुम नहीं माने _ और गधे की जान चली गई _ तुम्हारा झूठ पकड़ा गया _और अब इसके लिए तुम खुद जिम्मेदार हो !

» अब गधे के मालिक को सबक मिल गया था _ और उसे अपनी गलती का एहसास भी हो गया था !

कहानी से सिख _

» इंसान को कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए _ क्योंकि झूठ को कितना भी छुपा लो _ सच्चाई सामने आ ही जाती हैं _ और झूठ पकड़ा जाता हैं !!

आपका धन्यवाद 

 

 

Author: Hindi Rama

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