कोवों की गिनती – अकबर और बीरबल । Akbar Birbal Story In Hindi
⇒ एक दिन की बात है । सुबह का समय था और दरबार लगा हुआ और सभी दरबारी अपनी अपनी जगह बैठे हुए थे , कोई राज्य के काम काज की चर्चा कर रहा था, तो कोई अपनी ज्ञान का प्रदर्शन करने में लगा हुआ था। तभी अकबर के मन में एक अनोखा सवाल आया ।
⇒ उन्होंने मुसकुराते हुए बर्बल की तरफ देखा और कहा – बीरबल क्या तुम हमारे शहर में मौजूद सभी कौवों की गिनती करके बता सकता हो ?
⇒ दरबार में सन्नाटा छा गया और सभी दरबारी एक दूसरे को देखने और आपस में चर्चा करने लगे। यह एक प्रश्न था जिसका उत्तर देना असंभव था , कुछ दरबारी मन ही मन बहुत खुश हो रहे थे , कि आज तो बीरबल फसेंगे ।
⇒ लेकिन बीरबल हमेशा की तरह शांत खड़े रहे और उन्होंने सर झुका कर जवाब दिया , – जहाँपनाह बिल्कुल बता सकता हूँ । अकबर ने आश्चर्य से पूछा तो बताओ हमारे शहर में कितने कौवे होते है। ?
⇒ हुजूर हमारे शहर में कुल 50965 कौवे हैं । दरबार में हलचल मच गई और सभी दरबारी हैरान रह गए कि बीरबल ने बिना सोचे इतना सटीक उत्तर कैसे दे दिया । अकबर ने मुस्कुराये और कहा -बीरबल अगर तुम्हारी गिनती गलत निकली तो, ? बीरबल ने तुरंत जवाब दिया ,,,,,, अगर कौवे ज्यादा हुए तो समझ लीजियेगा कि उनके रिश्तेदार दूसरे शहर से उन से मिलने आए हैं।
⇒ यह सुनते ही दरबार में बैठे सभी जोर – जोर से हसने लगे, अकबर भी अपनी हंसी नही रोक पाए । बीरबल ने ना केवल सवाल का जवाब दिया बल्कि अपनी बुद्धिमानी से उसे ऐसा बना दिया था कि कोई भी उसे गलत साबित नही कर सकता था।
⇒ लेकिन कहानी यही खत्म नही होती , दरबार में कुछ ईर्ष्यालू दरबारी भी थे , जो हमेशा बीरबल को नीचा दिखने की कोशिश करते थे उन्होंने सोचा इस बीरबल को फंसाना ही होगा। एक दरबारी बोला जहाँपनाह यह तो कोई भी अपने मन से एक संख्या बोल सकता है,,,,,,,
यह कहानी भी पढ़ें ⇒ छलावे का जंगल – Horror Story In Hindi । Top Horror Stories ।
⇒ इसमे बुद्धिमानी कैसी ? अकबर ने बीरबल की तरफ देखा और कहा – क्या तुम अपनी बात साबित कर सकते हो? बीरबल ने विनम्रता से कहा ,,, हुजूर अगर यह दरबारी सच में गिनती करना चाहते है तो , उन्हे पूरे शहर में जाकर एक – एक कौवा गिनना होगा, ।
⇒ तभी उन्हे पता चलेगा कि मेरा उत्तर शि है या गलत ? यह सुनते ही दरबारी चुप हो गए , क्योंकि यह कम असंभव था । अकबर बीरबल की इस चतुराई से बहुत खुश हुए उन्होंने कहा- बीरबल तुम्हारी बुद्धी का कोई जवाब नही है ।
⇒ फिर अकबर ने दरबारियों की तरफ देखा और कहे कि बुद्धिमानी का मतलब सिर्फ ज्ञान नही होता बल्कि मुश्किल सवाल का सही समय पर जवाब देना भी हो ता है ।
⇒ उस दिन के बाद बीरबल की प्रतिष्ठा दरबार में और भी बढ़ गई ।
कहानी से सीख
⇒ बुद्धिमानी का मतलब हर सवाल का जवाब जानना नही बल्कि सही जवाब देना होता है ।
⇒ कठिन समय में धैर्य और आत्मविश्वास सबसे बड़ी चीज होती है।
⇒ हाजिरजवाबी इंसान को हर मुश्किल से बाहर निकाल सकती है।