किसान की बेटी और गंदा साहूकार – Best motivational stories in hindi । Moral stories in hindi ।

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किसान की बेटी और गंदा साहूकार – Best motivational stories in hindi

<>  बहुत पुराने समय की बात हैं । एक लालची साहूकार से किसी गरीब किसान नें कर्जा लिया था । वह किसान बहुत ही ज्यादा गरीब था । उसके घर मे उसकी पत्नी और एक सुंदर बेटी भी थीं । और उस लालची साहूकार की नजर किसान की सुंदर बेटी पर थीं । और यह बात मजबूर किसान जानता भी था । यही सोचते हुए कि साहूकार की गंदी नजरे उसकी बेटी पर न पड़े , उस किसान नें बहुत कोशिश की उसका कर्जा उतारनें की ।

<>  मगर वह किसान उसका कर्जा चुका ही नहीं पा रहा था । अब किसान दिन रात रोता था । और यह सोचता था कि उस साहूकार का कर्जा वह कैसे चुकाएगा ।

<>  तभी एक दिन साहूकार उस गरीब किसान के घर आता हैं । और किसान से कहता हैं , कि शायद तुम मेरा कर्ज चुका नहीं पाओगे । और दिन रात उन पैसों का ब्याज बढ़ रहा हैं । तुम ऐसा करों , कि तुम्हारी बेटी की शादी मुझसे करवा दो , या मेरा सारा कर्ज अभी चुकाओ ।  और अगर तुमने मेरी शादी अपनी बेटी करवा दी तो , मैं तुम्हारा सारा कर्ज माफ कर दूँगा । साहूकार की सारी बाते अंदर बेठी उसकी बेटी भी सून रहीं थीं ।

<>  साहूकार की ऐसी बात सुनकर किसान रोने लगा । और साहूकार के पैर पकड़कर रोता हुआ बोला , कि मालिक ऐसा नहीं हो सकता यह तो घोर अनर्थ हो जाएगा । मैं अपनी बेटी की शादी आपसे नहीं करवा सकता । इसके बदले चाहे आप कोई भी सजा दे दीजिए ।

<>  तब साहूकार बोला , कि ठीक है ! कल सबके सामने मैं तुम्हें मेरी बताई हुई जगह पर , एक थेले में एक काला और एक सफेद पत्थर डालकर दूँगा । और तुम्हारी बेटी को उस थेले में से एक पत्थर निकालना हैं ।

<>  और इसने उस थेले मे से काला पत्थर निकाला , तो इसे मुझसे शादी करनी होगी । और इसने उसमे से सफ़ेद पत्थर निकाला । तो मैं तुम्हारा सारा कर्जा उसी समय सबके सामने माफ़ कर दूँगा । और ये शादी भी नहीं होगी ।

<>  साहूकार ने किसान से यह भी कहा , कि अगर तुम्हारी बेटी ने थेले में से पत्थर निकालने से मना कर दिया । तो इसे मुझसे शादी करनी होगी , और तुम्हें जेल जाना होगा । यह कहकर साहूकार वहाँ से चला गया ।

<>  अब गरीब किसान और उसकी बेटी के पास उस लालची और गंदे साहूकार की बात मानने के सिवा और कोई दूसरा रास्ता नहीं था । व दोनों ही भगवान पर भरोसा करके इस बात पर तैयार हो गए । और अगले दिन साहूकार की बताई जगह पर पहुँच गए ।

<>  तभी साहूकार ने एक छोटा थैला लिया और सबसे नजरे बचाते हुए , जमीन पर पड़े बहुत सारे छोटे पत्थरों मे से दो पत्थर उस थेले मे डाल दिए । साहूकार ने थेले में दोनों काले ही पत्थर डाले थें । उसने सफेद पत्थर तो उठाया ही नहीं था । और यह सब किसान की बेटी ने देख लिया था ।

<>  अब लड़की सोचने लगी , कि क्या करें ? उसके सामनें तीन विकल्प थे । पहला विकल्प यह कि वह पत्थर निकालने से ही मना कर दे । लेकिन ऐसा करने पर भी उसे साहूकार से शादी करनी ही होगी ।

<>  दूसरा विकल्प यह था , कि वह साहूकार से बोल दे कि उसने चालबाजी की  हैं । और दोनों ही काले पत्थर थेले मे डाले हैं । ऐसा करने से साहूकार धोकेबाज साबित हो जाएगा । लेकिन ऐसा करने से भी उसके पिता का कर्ज माफ नहीं होगा ।

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<>  तीसरा विकल्प ये था , कि वह काला पत्थर चुन ले । और साहूकार से शादी कर ले । इससे उसके पिता का सारा कर्ज उतर जाएगा । और उसके पिता को जेल भी नहीं जाना पड़ेगा ।

<>  किसान की बेटी भी बहुत बुद्धिमान थीं ! उसने दिमाग चलाया , और चौथा रास्ता खोज लिया । किसान की बेटी नें उस थेले मे हाथ डाला और एक पत्थर निकालते ही उसे नीचे गिरा दिया , जहाँ काले और सफेद पत्थर बहुत सारे पड़े थें । फिर उसकी लड़की नें बड़ी ही समझदारी से सबके सामनें यह बोला , कि इस थेले में से मैंने एक पत्थर निकाला , लेकिन वह तो मेरे हाथ से छूटकर नीचे गिर गया ।

<>  अब नीचे सबने देखा कि काले और सफेद पत्थर तो बहुत सारे गिरे हैं । ऐसे मे कैसे पता लगेगा , कि उस लड़की नें कौनसा पत्थर नीचे गिराया हैं ।

<>  तभी किसान की बेटी नें बहुत ही समझदारी से बोला ! कि कोई बात नहीं , अभी जो पत्थर थेले मे पड़ा हैं उससे मालूम लग जाएगा कि कौनसा पत्थर नीचे गिरा । थेले मे तो उसमें तो काला पत्थर था । किसान की बेटी नें तुरंत कहा , कि इसका मतलब मैंने सफेद पत्थर निकाला था । किसान की बेटी की बात से सब लोग संतुष्ट थें । और गाँव   के सरपंच नें भी सबके सामनें साहूकार से यह कह दिया कि , इस किसान का सारा कर्जा माफ कर दिया जाए । और उसकी बेटी से भी अब तुम शादी नहीं कर सकतें ।

<>  साहूकार लड़की का मुहँ देखता रह गया । और वह कुछ बोल भी नहीं सका । क्योंकि उसने तो बहुत चतुराई सर दोनों काले पत्थर ही उस थेले में रखें थें ।

<>  इस तरह उस गरीब किसान के बेटी नें अपनी बुद्धिमानी से अपनें पिता का कर्जा आफ करवा दिया । और उस लालची साहूकार से शादी करनें से भी बच गयी । और उस साहूकार को अच्छा सबक भी सीखा दिया ।

<>  कहानी से सिख 

दोस्तों .. जीवन में कितनी भी परेशानी आ जाए । अगर इंसान धर्य के साथ उस परेशानी का सोच समझकर सामना करें । तो फिर चाहें कितना भी बड़ा पहाड़ आपके ऊपर टूट पड़े । आपके तेज दिमाग के आगे वह पहाड़ भी चूर चूर हो जाएगा ।

Author: Hindi Rama

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