
एक बार की बात हैं । एक में गाँव एक बूढ़ा आदमी रहता था । वह बूढ़ा आदमी अपनें बेटे से बहुत ही परेशान था । क्योंकि उसका बेटा बहुत नालायक था । कामचोर था । वह कोई भी काम नहीं करता था । और बस गाँव मे इधर से उधर घूमा करता था । तो एक दिन उस बूढ़े आदमी नें अपने बेटे को सबक सिखानें का सोचा । उसने अपने बेटे को अपने पास बुलाया । और उससे कहा कि बेटा घर के अंदर अलमारी में एक घड़ी राखी हुई हैं ।
तुम उसे निकाल कर लाओ, लड़का घर के अंदर गया और उस घड़ी को निकाल कर लाया । फिर उसके पिता ने उससे कहा कि अब तुम एक काम करों । इस घड़ी को तुम अपने साथ बाजार मे लेकर जाओ और जीतने भी लोग तुम्हें मिलेंगे । सबसे तुम इस घड़ी की कीमत पूछकर आना । अब वह लड़का उस घड़ी को लेकर बाजार मे चल गया । उसने बाजार मे उस सभी लोगों से उस घड़ी की कीमत पूछी । तो किसी ने उस घड़ी कीमत 500 रुपये बताई , किसी ने 1000 रुपये तो किसी नें 800 रुपये , सभी लोगों नें उस लड़के को उस घड़ी की कीमत अलग – अलग बताई । और कई लोगों ने उस घड़ी की कीमत एक जैसी बताई ।
वह लड़का अपने पिता के पास वापस आया और उसने उनसे कहा , कि पिताजी सभी लोगों नें इस घड़ी की कीमत अपने हिसाब से बताई । किसी ने 500 किसी 1000 तो किसी ने 800 रुपये । अब उस बूढ़े आदमी नें अपने बेटे से कहा कि बेटा ठीक हैं । घड़ी को तुम अलमारी में रख दो , आओर जाओ थोड़ा आराम कर लों ।
अगले दिन फिर से उस बूढ़े आदमी नें अपने बेटे को अपने पास बुलाया और उसे फिर से अलमारी से वह घड़ी लाने को कहा , लड़का फिर जाता हैं । और अलमारी से घड़ी निकाल कर लाता हैं । और अब उस बूढ़े आदमी नें अपने बेटे से कहा , कि बेटा जाओ , और आज तुम बाजार जाकर इस घड़ी के अंदर जो समय चल चल रहा हैं । उस समय की कीमत पूछकर आओ ।
लड़के को समझ नहीं आ रहा था । कि उसके पिताजी उससे क्या करवाना चाह रहें हैं । लेकिन वह दुखी मन से फिर से घड़ी को लेकर बाजार मे चला जाता हैं । और सभी लोगों से उस घड़ी के अंदर , जो समय चल रहा था उसकी कीमत पूछता हैं ।
लोगों को लगता हैं , कि इस लड़के की मासिक स्थिति ठीक नहीं हैं । कल यह घड़ी की कीमत पुछनें आया था । और आज समय की कीमत पूछ रहा हैं । फिर बहुत से लोगों नें उसे भगा दिया । और कुछ लोग उस पर हूँसनें लगे । अब लड़का परेशान हों चुका था । और वह सोचता हैं कि , यह मेरे साथ क्या हों रहा हैं । तभी वह आखरी बार , एक बूढ़े आदमी की दुकान पर जाता हैं ।
वह बूढ़ा आदमी अपनें काम में बहुत व्यस्त था । लेकिन वह लड़के का सवाल सुनतें ही अमझ गया कि लड़का उससे क्या पूछने चाह रहा हैं । तभी उस बूढ़े आदमी नें अपना कुछ समय निकाल कर उस लड़के से कहा ।
बेटा यह जो समय हैं न , जसकी तुम कीमत पूछ रहें हों इसकी कोई भी कीमत नहीं लगा सकता । तुम करोड़ों रुपये देकर भी अपनी जिंदगी का एक सेकेंड भी नहीं खरीद सकतें । और निकला हुआ समय कोई वापस नहीं ला सकता । इसलिए इस टाइम का हर कोई सही उपयोग नहीं कर पाता । सब लोग इसे फ्री समझकर यूँ ही गवाते हैं । इस टाइम का सही उपयोग करो । टाइम की एक अच्छी बात हैं , और एक बुरी बात हैं ।
बुरी बात यह हैं कि ! टाइम गुजर जाता हैं । और अच्छी बात यह हैं कि तुम उस समय ( Time ) किन -किन चीजों मे गुजारते हों । उस समय का तुम अपनें कामों में कितना अच्छा या बुरा इस्तेमाल कर सकतें हो । यह तुम्हारे ऊपर हैं ।
सभी लोगों के पास दिन मे 24 घंटे का समय होता हैं । आमिर के पास भी और गरीब के पास भी । बस यह तुम्हारे हाथ में कि तुम उस टाइम से क्या नया कर सकतें हों । तो अपने हर एक पल का हिसाब रखों । कि तुम उन्हेकिन – किन चीजों में उड़ा रहें हों । खिनटुम अपना समय बर्बाद तो नहीं कर रहें ? समय अगर तुमने खो दिया । तो फिर वह समय वापस कभी नहीं आ सकता ।
इसलिए बेटा जीवन में अपने समय का सही उपयोग करना । मैंने अपना समय निकालकर जो भी तुम्हें समझाया हैं । उसे भी तुम वापस नहीं ला पाओगे । इसलिए इस समय को भी अब तुम वापस नहीं ला पाओगे । हाँ बस तुम समय की बातों को हमेशा याद रख सकतें हों । और अपनें जीवन में तुम इसे एक प्रेरणा या सबक समझ सकतें हो , यह तुम्हारे ऊपर हैं ।
उस बूढ़े दुकानदार आदमी की सारी बातें सुनकर उस लड़के की आंखे खुल गयी । मानों उसमे एक बड़ा बदलाव स आ गया हों ।
और फिर वह अपने पिताजी के पास उस घड़ी को लेकर गया । और उन्हे सारी बात बताई , और उस दिन के बाद से उस लड़के की जिंदगी बदल गयी ।
तो दोस्तों कहते हैं , कि टाइम सबके लिए फ्री हैं । लेकिन वह पहलें फ्री मिलता हैं । लेकिन वह समय निकलतें ही , फिर वापस वह समय किसी भी कीमत में हम वापस नहीं ला सकतें । और समय को तुम सही समय में इस्तेमाल कर सकतें हों , लेकिन बादमे उसे तुम कुछ भी करके ना खरीद सकतें हो और ना उसे वापस ला सकतें हों ।
इसलिए अपनें समय की कदर करों और उसे सही से इस्तेमाल करों । ताकि सही समय पर आप लोग उस समय का सही इस्तेमाल करके आगे बाढ़ सकों ।