
15 दिन नयी दुल्हन का मुँह देखना क्यों अशुभ – Suspence Story In Hindi
» शादी के बाद सूरज को ऊसके मत – पिता नें उनके परिवार की एक अजीब प्रथा बताई । आखिर सच में यह प्रथा थीं । या कुछ छिपाया जा रहा था । सच जानने के लिए पढ़िए पूरी कहनी .. Suspence Thriller Story ।
» मेरा नाम सूरज हैं । मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से हूँ । मैनें मेरे घरवालों को कहा था कि जब तक मुझे अच्छी सी नौकरी नहीं मिलेगी तब तक मैं शादी नहीं करना । मैं बैंक की नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था । जिसमें काफी समय लग गया । इस कारण मेरी उम्र 32 साल की हों गई । लेकिन अब मेरी नौकरी लग गई थीं ।
» अब मेरे घरवालों को मेरी शादी की चिंता सताने लगी थीं । उन्होंने कई जगह मेरे रिश्ते की बात चलाई । लेकिन कुछ बात नही बनी । हर जगह कुछ न कुछ समस्या हो जाती । इन्ही सब बातों में एक साल ओर बीत गया । मेरी मम्मी और पिताजी को अब ज्यादा टेंशन होने लगी थीं । वो सुबह शाम बस मेरी शादी की ही फिक्र करतें थें ।
» लेकिन एक दिन उनकी कोशिश रंग लाई । काफी दिनों तक ढूँढने के बाद एक रिश्ता आया था । जो घरवालों को जमा था । वो लोग गाँव के थें । और हमसे गरीब थें । घरवालों नें मुझे उस लड़की की तस्वीर दिखाई । लड़की अच्छी थीं । मैं कहीं ओर शहर में नौकरी करता था । मम्मी और पापा नें लड़की को उसके घर जाकर देखा था ।
» मुझे भी कहा था लेकिन मैं आ नहीं पाया । मम्मी को लड़की पसंद गई थीं । मम्मी नें कहा कि अब बस शादी जल्दी से करना हैं । शादी का ऐसा योग बन रहा था कि या तो शादी 15 दिन मे हो जाए । या फिर 2 साल बाद । लेकिन अब शादी को टाला नहीं जा सकता था । इसलिए शादी 15 दिनों में ही होना तय हो गया था ।
» इतने कम समय में अब मेरा लड़की को देखने जाना टी नहीं हो सका । इसलिए अब मैं अब शादी के लिए छुट्टियाँ लेकर आ गया । मैं शादी के 5 दिन पहले ही आ गया था । शादी की तैयारियां चल रहीं थीं । बहुत जल्दी बाजी में सारी तैयारियां पूरी करनी पड़ी ।
» और फिर शादी का समय आ गया । शादी वाले दिन हम लोग बारात लेकर हम लोग लड़की वाले के यहाँ पहुँच गए । वहाँ सबके चेहरे देखकर मुझे कुछ अजीब सा लगा । मुझे एक छोटे कमरे में ठहराया गया ।
» मैंने पापा से पूछा – पापा ! ” यहाँ सब ठीक हैं ना , पापा बोले सब ठीक हैं ” । शादी गाँव की थीं । फेरो के समय भी , लड़की नें अपना मुहँ घूँघट से ढका हुआ था । शादी के बाद विदाई होकर हम सब लोग अपनें घर गए ।
» घर आने पर मेरी सुहागरात के पहलें ही , मेरी मम्मी और पापा मुझे अकेले में ले जाकर कुछ ऐसा बताते हैं । जो मैंने पहले कभी नहीं सुना ।
» वो बोले – कि हमारे घर में एक रिवाज और प्रथा हैं कि शादी होने के 15 दिनों तक दूल्हा अपनी दुल्हन का मुहँ नहीं देखता । मैंने बोला यह क्या आज से पहले तो आपने इसके बारे में पहले कभी नहीं बताया ।
» उसके माता पिता बोले कि यह बात वह उसे पहले नहीं बता सकतें थें । क्योंकि पहलें बताया अशुभ होता हैं । इसलिए यह शादी के बाद ही बताया जाता हैं । मुझे समझ नही आ रहा था कि यह बात एक दम से कैसे आ गई । लेकिन फिर मम्मी पापा कए ज्यादा जोर देने के बाद मुझे मानना ही पड़ा । और पिताजी नें मुझे एक काला कपड़ा भी दिया । व मुझसे कहा कि इसे बांधकर ही कमरे में जाना । गलती से भी इसे खोलना नहीं ।
» अब मेरे मन में कई तरह के सवाल और विचार आ रहें थें । लेकिन करता भी क्या उनकी बात मुझे माननी ही पड़ी । क्योंकि वो जिस तरह से मुझे समझा रहें थें । मुझे उनकी आँखों में थोड़ा डर भी लगा । इसलिए मैंने उनकी बात मान ली । मैं काला कपड़ा लेकर अपने कमरे में गया । दरवाजा बंद किया और मेरी पत्नी बेड पर मुहँ ढके पहले ही बैठी थीं ।
» मैंने अभी काला कपड़ा अपनी आँखों पर नहीं बाँधा था । मैं अपनी पत्नी कए पास गया , तो सबसे पहले जो उसने कहा वो था ? आपको अम्मी पापा जी नें सब समझा दिया ना । मैंने पूछा ? उन्होंने तुम्हें भी कहा हैं । वह बोली हाँ उन्होंने मुझे भी कहा हैं । और हमें उसका पालन करना होगा । आपको मेरा मुहँ नहीं देखना हैं ।
» अब 15 दिनों तक मेरी पत्नी मेरे सामने थीं । लेकिन मैं उसका मुहँ तक देख नहीं सकता था । मैंने अपना काला कपड़ा उसे दे दिया । और उसकी ओर पीठ करके बैठ गया । फिर मेरी पत्नी ने वह काला कपड़ा जोर से मेरी आँखों पर बाँध दिया ।
» कपड़ा बांधने कए बाद मैंने अपनी पत्नी कए हाथों को अपने हाथों में लिया । उसके हाथ बहुत ही कोमल थें । उसके बाद मैंने करीब आधी रात तक उससे बहुत बात की मैं उसे नहीं देख पा रहा था । लेकिन उसकी तस्वीर मैंने देखी थीं इस तरह बंद आँखों कए बीच हमारे नए जीवन की शुरुआत हो रही थीं ।
» दिन में भी इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता था । मेरी प्यारी पत्नी पूरा समय घूँघट में ही रहती थीं । शादी कए पहले , प्यार क्या होता हैं , इसका मुझे मालूम ही नहीं था । लेकिन शादी कए बाद मुझे अपनी पत्नी से प्यार हो गया था ।
» मैं बड़ी ही बेसब्री से 15 दिन खत्म होने का इंतजार कर रहा था । दिन – रात निकलते जा रहें थें । और मेरा प्यार बढ़ता ही जा रहा था ।
» आखिर वह कठिन 15 दिन बीत ही गए । और मैंने अपने माता – पिता से कहा , कि आज 15 दिन पूरे हों चूकें हैं । कुछ पूजा या दूसरा उपाय तो नहीं करना ।
» लेकिन अभी भी उनके चेहरे पर एक अजीब सि घबराहट थीं । ” मुझे समझ नहीं आया कि , अभी भी वह कुछ क्यों नहीं बोल रहें ? फिर मैंने उनसे पूछा – कुछ बात हैं क्या ” ? आप इसतरह से क्यों लग रहें हैं । वह कुछ नहीं बोलें ।
» उस रात मैं अपने कमरे में गया अब मेरे हाथ में काला कपड़ा नहीं था । मेरी पत्नी आज भी घूघट ओढ़े बैठी थी । मैंने उसके पास जाकर उससे पूछा , कि आज यह घूँघट क्यों ? फिर मेरी पत्नी मुझे कहती हैं कि , मैं आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूँ ।
» मैंने बोला पूछो – वह बोली आप मुझसे कितना प्यार करते हों । मैंने बोला क्या तुम्हें इन 15 दिनों में मेरे प्यार के बारे में पता नहीं चला । उसने कहा कि इतने दिनों तक आपने मुझे देखा नहीं था । आअब सोचो कि आपको ऐसा कुछ देखने को मिल जाए ।
» जो कि आपने सोचा भी नहीं था । तो भी आप मुझसे इतना ही प्यार करेंगे ? या नहीं ?
» मुझे मेरी पत्नी की कोई बात समझ नहीं आयी । तब मैंने कहा कि तुम यह क्या बात कर रही हों ? मैं तुमसे हमेशा प्यार करूंगा । तुम मेरी पत्नी हों । वो चुप हो गई । फिर आखिरकार मैंने वो किया । जो मैं करना चाह रहा था ।
» मैंने उसका घूँघट उठाया । और घूँघट उठाते ही जब मैंने उसकी शक्ल देखी तो मुझे यकीन नहीं हुआ । यह वो लड़की नहीं थीं । जिसकी मुझे तस्वीर दिखाई गयी थीं । ये तो कोई ओर ही लड़की थीं ।
» मैंने उससे पूछा कौन हो तुम ? वह बोली मेरी आवाज तो आप जानते ही हैं । मैं वही हूँ आपकी पत्नी ।
» फिर मैंने तुरंत अपनी मम्मी पापा को अंदर बुलाया । मेरी आवाज सुनकर वह मेरे कमरे में आए । फिर मैंने गुस्से से बोला – अच्छा तो यह सब नाटक आपने इसलिए किया हैं । अब यह बताओ कि यह लड़की कौन हैं । आपने मुझे तस्वीर तो किसी ओर लड़की की दिखाई थीं । उनके चेहरे पर घबराहट थीं । मेरी माँ बोली बेटा – हम इसी बात से डर रहें थें । बड़ी मुश्किलों से हमनें तेरे लिए रिश्ता ढूँढा था ।
» वह लड़की इसकी बड़ी बहन थीं । शादी के 2 दिन पहलें वो घर से किसी और के साथ भाग गई । और वह तुमसे शादी नहीं करना चाहती थीं । यह लोग फिर शादी कए लिए मना करने लगे । लेकिन हमने फिर इसके पिता पर दबाब डाला । और धमकाया भी ।
» फिर हमारे दबाब से लड़की वालों ने अपनी छोटी बेटी से तेरी शादी के लिए हाँ कर दिया । हम तुझे यह सब बताते तो तू हमें यह सब नहीं करने देता । सारा सच जानकर तू यह शादी कभी नहीं करता । इसलिए तुझसे बेटा यह सब छिपाया , हमने ।
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» तुम दोनों सही मायने में पति – पत्नी बन जाओ । इसलिए 15 दिनवाला नाटक किया ताकि बाद में तू इसे छोड़ न सकें । उनकी बात सुनकर मुझे यकीन नहीं हुआ । मैंने कहा कि आप ने अपने बेटे की शादी कए लिए किसी को धमकाया , आपको शर्म नहीं आयी । और आपने मुझे भी झूठ बोला ।
» आपने इस लड़की की बिना मर्जी से जबरदस्ती मुझसे शादी करवा दी । उसके बाद भी यह आप लोगों की बात मान रही हैं । मम्मी और पापा बोले कि हमनें यह सब तेरे लिए ही किया हैं । फिर मैंने कहा कि आपने यह सब मेरे लिए नहीं , बल्कि अपने खुद कए लिए किया हैं ।
» ताकि मेरी शादी कए बोझ से आप बरी हों जाओ । अगले दिन मैं बिना कुछ बोले ही सुबह अपनी जॉब पर चल गया । लेकिन वहाँ जाने पर मुझे लगा ।
» कि इसमे उस लड़की की क्या गलती हैं । वो पहले ही जबरदस्ती का शिकार हुयी हैं । मैं यही सोचता रहा । सारा दिन बस उसकी याद सताने लगी । और मुझे तो अब उसकी आवाज से भी प्यार हो गया था । मैं 2 दिन बाद ही अपने घर वापस आ गया ।
» मैं उसे लेकर उसके घर गया । उसके घरवालों से माफ़ी माँगी । उनकी आँखों में आँसू थें । फिर मैंने लड़की से पूछा कि क्या तुम मुझसे प्यार करतीं हों ।
» फिर वह लड़की बोली कि मैं अपने आप को बड़ा ही खुश किस्मत मानती हूँ । कि आप जैसा पति मुझे मिला । आप बहुत ही अच्छे हैं । शायद जो भी हुआ वह हम दोनों को मिलाने के लिए हुआ । और भगवान की यही मर्जी हों ।
» मैं आपके लिए और आप मेरे लिए ही बने थें । तभी तो अपने आप ही रास्ते भी बन गए । उसकी यह सारी अच्छी बात सुनकर मुझे और भी ज्यादा उस लड़की से प्यार हो गया । सच मे वह लड़की ही शायद मेरे लिए बनी थीं । वह बहुत अच्छी थी ।
» और अब मेरा भी फर्ज था । कि मैं उसे दुनियाँ भर की खुशियां दूँ । इसके बाद मैंने अपनी पत्नी अपने सिने से लगा लिया । और फिर हुई हमारी सुहागरात । हम दोनों अब बहुत खुश थें । समाप्त –
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