आखिर किसकी मोहब्बत थी अनारकली ? » क्या ? अकबर ने वाकई मे उसे दीवार मे चुनवाया था ? The Story Of Akbar And Anarkali। History Of Anarkali ।

अनारकली आखिर किसकी मोहब्बत थी » क्या ? अकबर ने वाकई मे उसे दीवार मे चुनवाया था ? The Story Of Akbar And Anarkali। History Of Anarkali । hindirama.com

आखिर किसकी मोहब्बत थी अनारकली ? » The Story Of Akbar And Anarkali

» सलीम  की पहली  शादी सोलह साल की उम्र मे अकबर के साले और उसके मामा आमेर के राजा भगवानदास की बेटी  मानबाई से हुई । 26 साल की उम्र मे पहुंचते तक वह 16 शादियाँ कर चुका था, लेकिन जब अनरकली को देखा तो बड़े विद्रोह की  नीव पड़ी और दोनों की कहानी इतिहास मे हमेशा के लिए दर्ज हो गई।

» हरम मे औरतो की बड़ी तादाद के मामले मे सम्राट अकबर के वली अहद सलीम (जहांगीर) का भी नाम इतिहास मे दर्ज है. उनकी बेगमों , कनीजों और दासियों की तादाद तीन सौ बताई थी। फिल्मकार के. आसिफ ने अपनी यादगार फिल्म मुगल-ए -आजम मे सलीम – अनरकली मे भले अकबर को मोहब्बत के दुश्मन बाप के तौर पर पेश किया  है  लेकिन उस दौर के ब्रिटिश यात्रियों के  यात्रा वृतांत  सलीम को ही खलनायक साबित करते हैं।

» अनारकली अकबर की पत्नी और सलीम की सौतेली मां थी। सलीम ने इस रिश्ते को दरकिनार किया र अनारकली से नाजायज रिश्ते बनाए . अकबर इसे बर्दाश्त नही कर पाए। बेटे से तो शहशाह बाप हार गया लेकिन अनारकली को जिंदा  दीवार मे चुनवा कर उससे इंतकाम लिया ।

वली अहद के लिए अकबर ने की थी मन्नतें :-

» सलीम  की पैदाइश के पहले अकबर की बेटी फातिमा बेगम  और जुड़वा बेटों हसन और हुसैन की बहुत छोटी उम्र मे ही मौत हो ही थी।  वली अहद की ख्वाहिश मे अकबर ने शेख मुइनूद्दीन  चिश्ती से तमाम मन्नते की थी। वादा किया था की बेटा होने पर जियारत के लिए पैदल दरगाह पर हाजिरी दूँगा। गर्भवती मरियम उस जमानी (राजा भरमल की पुत्री )को उस दौर के मशहूर संत शेख सलीम चिश्ती की  फतेहपुर सीकरी स्थित कुटिया मे रखा गया,।

» 30 अगस्त 1565 को उन्होंने वही बेटे को जन्म दिया। सलीम नाम भी इसी लिए रखा गया । बेटे को अकबर प्यार से शेखू बाबा ही पुकारते थे। वादे के मुताबिक अकबर 20 जनवरी 1570 को जियारत के लिए  पैदल अजमेर रवाना हुए और 5 फरवरी 1570 को वहाँ पहुंचे। जियारत का यह सिलसिला आगे भी कई सालों तक  चला ।

पहली शादी 16 साल मे , फिर 26 तक 16 बंधनों मे बंधे :-

» सलीम की पहली शादी  सोलह साल की उम्र मे अकबर के सेल और उसके मामा आमेर के राजा  भगवानदास की बेटी मानबाई से हुई। फिर साल भर बाद हिन्दू राजकुमारियों और मुस्लिम सरदारों की बेटियों से शादियों का सिलसिला शुरू हो गया। 26 साल की उम्र मे पहुंचते तक वह 16 शादियाँ कर चुका था। गद्दी पर वह जहांगीर के नाम से बैठा और उसके बाद भी हरम मे बढ़ती तादाद तीन सौ तक पहुंची जिसमे ब्याहता बेगमों के अलावा  कनीजें और रखैले भी शामिल थी।

» सलीम की जिंदगी मे दो औरतो का खासतौर पर जिक्र होता है। एक अनारकली और दूसरी नूरजहां का। अनारकली  वह थी जिसके लिए बाप-बेटे आमने – सामने हुए और उसकी कीमत बदनसीब अनारकली को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी ।  मेहरुन्निसा ( नूरजहां ) खुशनसीब थी। वह मलिका – ए – हिंदुस्तान बनी।

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अनारकली थी अकबर की पत्नी :-

» अनारकली की वास्तविकता को लेकर फिल्मकार और उस दौर के विदेशी यात्रियों के यात्रा वृतांत जुदा तस्वीर पेश करते है। के. आजम मे अनरकली को सलीम की प्रेमिका के तौर पर फिल्माया , जिसे शहशाह अकबर ने कुबूल नहीं किया। वह उनके गुस्से की शिकार हुई। दीवार मे  चुनवाने का हुक्म हुआ लेकिन फिल्म के दर्शकों के लिए  यह पचाना भारी न पड़े। इसलिए सुरंग से उसे जिंदा ही बाहर निकाल दिया गया। लेकिन ब्रिटिश यात्री एडवर्ड टैरी और विलियम फिंच के ब्योरों मे अनारकली अकबर की पत्नी और सलीम की सौतेली माँ बताई गई है।

» फिंच ने सलीम ( जहांगीर ) के शासनकाल के दौरान 1608-1611 और टैरी ने अनारकली को अकबर की वह पत्नी बताया जिसे वह बेहद प्यार करते थे और सलीम से उनके सौतेली माँ से जिस्मानी रिश्ते बनाना माना । उन्होंने  अनारकली को दीवार मे जिंदा  चुनवाने की घटना को सच बताया है।

अनारकली और बेटे दानियल की कब्र :-

» फिंच ने गुजरात से काबुल तक की यात्राएं की थी । उसके यात्रा वर्णन मे लाहौर – काबुल के रास्ते मे सुल्तान दानियल और उसकी माँ अनारकली की कब्रों का उल्लेख है। अकबर का बेटा सुल्तान दानियल भी अय्याश मिजाज था और उसकी मौत का कारण भी ज्यादा शराब पीना बना।

» जहांगीर ने अपने शासनकाल के दौरान इन दोनों की कब्रों पर मकबरे बनवाए और चारों ओर मुगल शैली मे बाग लगवाए। सलीम और अनारकली के बीच रिश्तों की शुरुआत कहानी सलीम द्वारा अपनी सौतेली माँ के साथ दुराचार की फैली। हरम से राजदरबार तक कोहराम मच गया। सलीम बागी होकर इलाहाबाद  कूच कर गया।

बेटे से बाप हारा : सजा भुगती अनारकली ने  :-

» थोड़े दिनों बाद हरम की कुछ बेगमे बीच – बचाव मे लगी और वे अकबर का सलीम के प्रति गुस्सा कम करने मे कामयाब  हुई। लेकिन अनारकली पर कहर बरपा । हरम की भीतरी गुटबाजी भी इसकी वजह बनी। अकबर को भरोसा हो गया की सलीम – अनारकली के रिश्ते इकतरफा नहीं थे। लेकिन सजा अकेले अनारकली को अपनी जान देकर भुगतनी पड़ी।

» अकबर ने लाहौर के किले की दीवार मे उसे जिंदा चुनवा दिया। उस दौर के इतिहासकार इस सवाल पर खामोश क्यों रहे? इसकी वजह राजदरबार पर उनका आश्रित होना और डर भी माना जाता है। एडवर्ड टैरी और विलियम फिंच के ब्योरों को इसलिए भरोसे लायक माना गया , क्योंकि उनकी  यात्राए उसी दौर मे हुई। फिंच ने तो अनारकली और उसके बेटे दानियल की कब्रों को भी देखा, जिससे उसका विवरण और प्रमाणिक माना गया।

मेहरुन्निसा बनी नूरजहां:-

» अकबर के एक भरोसेमंद सरदार गयास बेग की बेटी मेहरुन्निसा पर भी सलीम फिदा था। उससे बढ़ती नजदीकिया अकबर को रास नही आई। मेहरुन्निसा का निकाह एक ईरानी कारोबारी शेर अफ़गान से कराकर सलीम से उसे दूर किया गया। लेकिन सलीम उसे भुला नहइ पाया । शेर अफ़गान की बाद मे हत्या कर दी गई। माना जाता है की यह हत्या सलीम ने ही कराई । सलीम 1605 मे गद्दी पर बैठा।

» 1611 मे मेहरुन्निसा से सलीम ने निकाह कर लिया। नूरजहां उसका नया नाम था और उसे मालिक – ए-हिंदुस्तान का खिताब दिया गया। एक शासक के तौर पर जहांगीर की कामयाबी मे नूरजहां की बड़ी भूमिका थी। वह मुगल सल्तनत की  सबसे शक्तिशाली महिला के तौर पर याद की जाती है।

Author: Hindi Rama

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