शैतान जिन्न और सुंदर मीना की भयानक रात । Haunted Jungle Horror Story In Hindi ।

शैतान जिन्न और सुंदर मीना की भयानक रात । Haunted Jungle Horror Story In Hindi । Hindirama.com

क्या आपने कभी उस घने, वीरान और अभिशप्त जंगल की भयानक डर को महसूस किया है, जहाँ हवा का हर एक झोंका भी रूह को कँपा देने वाली चीख की तरह लगता है?

क्या होता है जब गरीबी और बेबसी के खौफनाक जाल में फँसी एक बेकसूर लड़की अपने वजूद को बचाने के लिए शैतान से ही अपनी आत्मा का सौदा कर बैठती है?

क्या सोने का चमकता हुआ वह विशाल महल किसी की बदहाल ज़िंदगी की खुशियाँ लौटा सकता है या फिर वह ताउम्र के लिए एक रूह कँपा देने वाले खौफनाक कफन में बदल जाता है?
कालापानी के उस श्मशानी बरगद में छिपा भयानक जिन्न आखिरकार मीना से क्या छीनना चाहता था?

क्या धन-दौलत की हसरत इंसान की आत्मा को हमेशा के लिए नरक के खौफनाक अँधेरे में धकेल देती है?

जानिए इस बेहद खौफनाक, रूह कँपा देने वाली और अनसुलझी दास्तान के हर एक पन्ने में छिपा भयानक सच क्या है?

कालापानी का अभिशप्त घना जंगल और शैतानी जिन्न। Haunted Jungle Horror Story In Hindi 

कालापानी जंगल के नाम से कुख्यात वह बेहद घना, भयानक और अभिशप्त वन था। जहाँ सूरज की किरणें भी घने पत्तों के जाल को भेदने से घबराती थीं।

उस जंगल की हवा में हर पल मौत का सन्नाटा पसरा रहता था। परिंदे भी उस काले जंगल के ऊपर से उड़ने से हमेशा परहेज़ करते थे।

इसी जंगल के सबसे पुराने, सबसे विशाल और भयावह बरगद के पेड़ पर सदियों से एक शैतान जिन्न का बहुत खौफनाक और ज़हरीला वास था।

उस शैतानी जिन्न की भयानक उपस्थिति मात्र से ही पूरे जंगल की हवा में एक अजीब सी ठिठुरन और अनकही ख़ौफ़नाक दहशत हमेशा घुली रहती थी।

दिन के उजाले में भी उस मनहूस पेड़ के पास से भी होकर गुज़रने की जुर्रत गाँव का कोई भी इंसान सपने में भी नहीं करता था।

और रात के घने अँधेरे में तो उस श्मशानी दिशा की तरफ देखने मात्र से ही किसी भी मजबूत इंसान की रूह तक बुरी तरह काँप उठती थी।

पुरानी भयानक लोक-कहानियों में गाँव के बुजुर्ग अक्सर कहा करते थे कि जिन्न अपनी मर्जी से इंसानों का खौफनाक रूप धारण करने में पूरी तरह सक्षम होते हैं।

वे कभी अपनी बुझती प्यास को बुझाने के लिए तो कभी सिर्फ अपने घिनौने मनोरंजन के लिए जंगल में रास्ता भटके इंसानों को बेरहमी से शिकार बनाते थे।

बेबस मासूम मीना की लाचारी और श्मशानी बरगद का भयानक साया

शैतान जिन्न और सुंदर मीना की भयानक रात । Haunted Jungle Horror Story In Hindi । Hindirama.com

 

इसी अभिशप्त जंगल की सुदूर सीमा पर बसे एक बहुत ही छोटे, बदहाल और गरीब गाँव में मीना नाम की एक अत्यंत मासूम लड़की रहा करती थी।

उसके सीधे-सादे माँ-बाप उसके बचपन के दिनों में ही एक भयानक बीमारी के कारण अचानक गुज़र गए थे। तब से वह बिल्कुल बेसहारा हो चुकी थी।

वह अपनी बूढ़ी और गंभीर रूप से बीमार दादी के साथ एक जर्जर टूटी-फूटी झोपड़ी में किसी तरह तिनका-तिनका जोड़कर अपना गुज़र-बसर किया करती थी।

मीना देखने में बेहद खूबसूरत और सादगी से भरी हुई थी। उसकी बड़ी-बड़ी मासूम आँखों में हमेशा एक गहरी उदासी और बेबसी का काला साया तैरता रहता था।

हर सुबह सूरज निकलने से पहले ही वह घने जंगल के खौफनाक रास्तों पर सूखी लकड़ियाँ बीनने के लिए मजबूर होकर अकेली ही निकल जाया करती थी।

जंगल से बिनी हुई उन सूखी लकड़ियों को बाज़ार में बेचकर ही वह अपनी बूढ़ी दादी के लिए दो वक्त की सूखी रोटी जुटा पाने में कामयाब होती थी।

एक बेहद मनहूस शाम, जब काले-सायह बादल आसमान में घुमड़ रहे थे और हवा में एक डरावनी, अशुभ शांति पूरी तरह से फैली हुई थी।

मीना सूखी लकड़ियों का एक बहुत भारी गट्ठर अपने नाज़ुक सिर पर रखे हुए बहुत तेज़ी से अपने घर की तरफ अकेली ही लौट रही थी।

आज बदकिस्मती से उसे जंगल के बहुत ज़्यादा अंदर तक जाना पड़ गया था, क्योंकि जंगल के बाहरी हिस्सों की सूखी लकड़ियाँ पूरी तरह खत्म हो चुकी थीं।

अँधेरे का गहरा भयानक जाल और दहकती लाल आँखों का जानलेवा हमला

जंगल के अँधेरे रास्तों पर तेज़ी से चलते हुए अनजाने में ही मीना उस अभिशप्त और भयानक बरगद के पेड़ के बेहद करीब जा पहुँची।

अचानक ही पूरे जंगल की सनसनाती हुई हवा पूरी तरह थम गई। बरगद के विशाल पत्तों की खौफनाक सरसराहट भी पल भर में बंद हो गई।

जंगल के उस हिस्से में एक बहुत ही अप्राकृतिक, डरावना और गहरा सन्नाटा छा गया, जो किसी खौफनाक चीख से भी ज़्यादा रोंगटे खड़े करने वाला था।

मीना का मासूम दिल ख़ौफ़ के मारे बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। उसकी साँसे तेज़ी से फूलने लगीं और माथे पर ठंडा पसीना आ गया।

उसे अंदर से बहुत गहराई से अहसास हुआ कि जैसे कोई अदृश्य, शैतानी शक्ति घने अँधेरे में छिपी हुई उसे लगातार घूर रही है।

वह खौफनाक ताकत उसे अपनी तरफ खींच रही थी। वह अपनी पूरी ताकत लगाकर वहाँ से भागना चाहती थी, लेकिन उसके पैर ज़मीन में जम गए थे।

तभी, उस दमघोंटू सन्नाटे को चीरती हुई उसे अपने ठीक पीछे किसी के रेंगने की धीमी, डरावनी और बहुत ही ज़हरीली सरसराहट साफ सुनाई दी।

उसने डर के मारे काँपते हुए जैसे ही पीछे पलटकर देखा, उसकी फटी की फटी आँखें खौफनाक मंज़र को देखकर पूरी तरह से दंग रह गईं।

बरगद की उस विशाल, घनी और काली शाखाओं के बीचो-बीच दो अंगारे की तरह बुरी तरह दहकती हुई खौफनाक लाल आँखें उसे घूर रही थीं।

दहशत और खौफ के मारे मीना की कराहती हुई चीख उसके सूखे गले के अंदर ही घुटकर रह गई। उसका पूरा शरीर बुरी तरह काँपने लगा था।

शैतान का अमानवीय खौफनाक रूप और ज़हरीली शिकारी मुस्कान

मीना उस खौफनाक मंज़र को देखकर अच्छी तरह समझ गई थी कि उसके सामने आखिर कौन सी श्मशानी और शैतानी बला खड़ी हुई है।

अगले ही एक ही पल में, एक बेहद लंबा, विशाल और भयानक काला साया उस बरगद के पेड़ से उतरकर उसके ठीक सामने आ खड़ा हुआ।

वह शैतान दिखने में बिल्कुल एक इंसान की शक्ल में खड़ा था, लेकिन उसकी पूरी काया और आभा पूरी तरह से अमानवीय और खौफनाक थी।

उसकी त्वचा किसी मुर्दे की राख जैसी पीली और भयानक थी, उसकी आँखें उबलते हुए खून की तरह लगातार दहक रही थीं।

उसके पतले होंठों पर एक बहुत ही क्रूर, ज़हरीली और डरावनी शिकारी मुस्कान लगातार तैर रही थी, जो दिल में दहशत पैदा करती थी।

कौन हो तुम? मीना ने अपनी बहुत ही काँपती और लड़खड़ाती हुई पतली आवाज़ में पूछा, हालांकि वह इसका खौफनाक जवाब पहले से ही जानती थी।

मैं वो खौफनाक साया हूँ, जिसका महज़ नाम लेने से भी पूरी दुनिया थर-थर काँपने लगती है, जिन्न की आवाज़ बहुत ही गहरी और कर्कश थी।

उसकी आवाज़ में एक अजीब सा सम्मोहन था। उसने आगे कहा, और तुम, तुम तो बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत हो, मेरी प्यारी मीना।

मीना यह सुनकर बहुत हैरान रह गई कि उस खौफनाक शैतान को उसका नाम आखिर इतने घने अँधेरे जंगल में कैसे मालूम चला।

खौफनाक हमसफर और बूढ़ी दादी का कँपता हुआ कलेजा

शैतान जिन्न और सुंदर मीना की भयानक रात । Haunted Jungle Horror Story In Hindi । Hindirama.com

वह अपनी जान बचाकर वहाँ से बहुत दूर भाग जाना चाहती थी, लेकिन उसके दोनों पैर जैसे भारी पत्थरों की तरह ज़मीन में धँस चुके थे।

वह शैतानी जिन्न धीरे-धीरे रेंगते हुए उसकी तरफ बढ़ रहा था। उसकी हर चाल में एक भयानक और बेहद चतुर शिकारी की शालीनता झलक रही थी।

मुझसे बिल्कुल भी मत डरो, उसने बहुत ही धीमी आवाज़ में कहा, जो उसकी भयावह और खौफनाक सूरत से ज़रा भी मेल नहीं खा रही थी।

मैं तुम्हें किसी भी तरह का कोई नुकसान बिल्कुल भी नहीं पहुँचाऊँगा, उसकी उस डरावनी आवाज़ में एक बहुत गहरा ज़हरीला मीठापन भरा हुआ था।

मीना को अपनी बदहाल किस्मत पर ज़रा भी भरोसा नहीं हो रहा था। वह दुनिया के सबसे खौफनाक शैतान के ठीक सामने अकेली खड़ी थी।

और वह खौफनाक जिन्न उसे नुकसान न पहुँचाने की बात कर रहा था। मुझे, मुझे तुरंत अपने घर जाना है, वह बहुत हकलाते हुए बोली।

जिन्न बहुत क्रूरता से मुस्कुराया। हाँ बिल्कुल, मैं तुम्हें तुम्हारी झोपड़ी तक खुद अपने साथ चलकर सुरक्षित और सलामत छोड़ देता हूँ।

और फिर, मीना के कुछ भी सोचने, समझने या विरोध करने से पहले ही वह विशाल जिन्न चुपचाप उसके साथ-साथ आगे की तरफ चलने लगा।

वह बहुत ही खामोशी से मीना के ठीक पीछे-पीछे चल रहा था। उसकी विशाल काली परछाईं मीना की नन्हीं परछाईं को पूरी तरह निगल रही थी।

जंगल का हर छोटा-बड़ा जीव-जंतु उस खौफनाक साये की आहट पाते ही दहशत के मारे अपने ठिकानों में पूरी तरह से दुबक चुका था।

उस अँधेरी राह में सिर्फ उन दोनों के कदमों की धीमी आहट और मीना के बहुत तेज़ी से धड़कते हुए दिल की खौफनाक आवाज़ गूँज रही थी।

जब वे दोनों मीना की टूटी-फूटी झोपड़ी के पास पहुँचे, तो उसकी बूढ़ी बीमार दादी दरवाज़े पर ही काँपते हुए उसकी राह देख रही थीं।

उस विशाल खौफनाक जिन्न को मीना के साथ देखकर बूढ़ी दादी की आँखें खौफ और दहशत के मारे बुरी तरह से फैलकर पथरा गईं।

वे डर के मारे कुछ बोलना चाहती थीं, लेकिन उनकी आवाज़ जैसे उनके काँपते हुए गले के अंदर ही पूरी तरह से घुटकर रह गई थी।

जिन्न ने मीना की तरफ अपनी दहकती लाल आँखों से देखा। मैं बहुत जल्द फिर आऊँगा, उसने कहा और हवा में अचानक विलीन हो गया।

शैतानी मोहब्बत का खौफनाक दाव और अपार दौलत का जाल

उस काली रात मीना अपनी टूटी झोपड़ी में एक पल के लिए भी सो नहीं पाई। उसे बार-बार उस जिन्न की आँखें याद आ रही थीं।

उसे उस शैतान का खौफनाक रूप और उसकी अजीब ज़हरीली मुस्कान याद आ रही थी। उसे डर भी लग रहा था और एक अजीब अहसास भी था।

अगले ही दिन से वह शैतानी जिन्न रोज़ शाम को मीना से मिलने के लिए उसकी टूटी झोपड़ी के आसपास नियमित रूप से आने लगा।

वह कभी एक बेहद खूबसूरत इंसान के रूप में आता, तो कभी बस एक बहुत ही घने काले साये की तरह झोपड़ी पर मंडराता रहता।

गाँव के तमाम लोग मीना के घर के आसपास फटकने से भी बुरी तरह डरने लगे थे। मीना की झोपड़ी गाँव वालों के लिए अभिशप्त बन चुकी थी।

धीरे-धीरे जिन्न ने मीना से मीठी बातें करनी शुरू कर दीं। वह उसे अपनी असीम शक्तियों और दूर-दराज के रहस्यमयी मुल्कों की कहानियाँ सुनाता था।

मीना, जो हमेशा से अपनी घोर गरीबी, भुखमरी और अकेलेपन में घुट-घुटकर जी रही थी, उसकी सम्मोहक बातों के जाल में पूरी तरह फँसने लगी।

उस जिन्न का भयावह और डरावना रूप अब मीना को उतना खौफनाक नहीं लगता था। उसे उसकी बातों में एक अजीब सा आकर्षण दिखने लगा था।

जिन्न ने कभी भी मीना को गलत नीयत से नहीं छुआ, न ही उसे कभी डराया। वह बस आता, बातें करता और फिर हवा में गायब हो जाता।

उसकी खौफनाक उपस्थिति अब मीना की बेबस ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी थी। बूढ़ी दादी यह सब देखकर मन ही मन घुटती रहती थीं।

एक बहुत ही हसीन चाँदनी रात को जब जिन्न आया, तो वह बहुत ज़्यादा गंभीर दिखाई दे रहा था। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी।

मीना, उसने बहुत ही धीमी आवाज़ में कहा, मैं तुमसे आज अपने दिल की बात कहना चाहता हूँ। मीना ने धड़कते दिल से उसकी तरफ देखा।

मुझे तुमसे बहुत गहरा प्यार हो गया है मीना, जिन्न ने कहा। ऐसा सच्चा प्यार, जो मैंने आज तक किसी भी इंसान से कभी नहीं किया।

मीना यह सुनकर पूरी तरह से स्तब्ध रह गई। जिस शैतान जिन्न से पूरी दुनिया खौफ खाती थी, वह उससे अपने प्यार का इज़हार कर रहा था।

मैं जानता हूँ कि यह सब तुम्हारे लिए बहुत अजीब है, जिन्न ने कहा। लेकिन सच यही है कि मैं अब तुम्हारे बिना बिल्कुल नहीं रह सकता।

मैं तुम्हें इस पूरी दुनिया की हर एक खुशी देना चाहता हूँ। मैं तुम्हें इतना बेपनाह अमीर बना दूँगा कि तुम्हारी सात पुश्तें राज करेंगी।

मीना की उदास आँखों में अचानक उम्मीद की एक बहुत बड़ी किरण जगमगाने लगी। गरीबी ने उसे अंदर से पूरी तरह तोड़कर रख दिया था।

अपार दौलत का वह सुंदर ख़्याल ही उसे किसी परीकथा के सपने जैसा हसीन लगने लगा था। उसे अपनी बीमार दादी का इलाज दिखाई दिया।

पेट भर स्वादिष्ट भोजन का सपना, एक बेहद आरामदायक और आलीशान ज़िंदगी का सपना उसकी आँखों के सामने तैरने लगा।

क्या तुम सच कह रहे हो? उसने बहुत ही काँपती हुई आवाज़ में पूछा। उसकी आवाज़ में एक गहरा अविश्वास और हिचकिचाहट साफ झलक रही थी।

हाँ मेरी मीना, जिन्न ने उसकी आँखों में गहराई से झाँकते हुए कहा। मैं तुम्हें सोने, चाँदी और अनमोल हीरों से पूरी तरह से लाद दूँगा।

मैं तुम्हारे रहने के लिए एक विशाल और बेहद खूबसूरत महल बनवाऊँगा। इस पूरी दुनिया की हर एक नायब नेमत तुम्हारे ख़ूबसूरत कदमों में होगी।

आत्मा का खौफनाक सौदा और सोने के पिंजरे की खौफनाक कैद

शैतान जिन्न और सुंदर मीना की भयानक रात । Haunted Jungle Horror Story In Hindi । Hindirama.com

मीना का मासूम दिल बहुत ही तेज़ी से धड़क रहा था। यह सब कुछ किसी बहुत हसीन सपने जैसा लग रहा था, जिसे वह खोना नहीं चाहती थी।

लेकिन तभी अचानक उसे उस जिन्न की भयानक शैतानी सच्चाई का दोबारा अहसास हुआ। मगर तुम तो एक खौफनाक जिन्न हो, वह डरकर बोली।

हाँ, मैं एक जिन्न हूँ, उसने तुरंत स्वीकार किया। लेकिन मेरा तुम्हारे प्रति यह प्यार पूरी तरह से सच्चा, गहरा और अटूट है, मीना।

फिर वह एक पल के लिए रुका, और उसकी दहकती लाल आँखों में एक बहुत ही गहरी, स्याह और खौफनाक चमक अचानक से उभर आई।

मगर मेरी एक छोटी सी शर्त है, जिन्न की बात सुनते ही मीना का दिल डर के मारे बैठने लगा। क्या शर्त? उसने काँपते हुए पूछा।

तुम्हें हमेशा-हमेशा के लिए मेरी पत्नी बनकर रहना होगा, जिन्न ने कहा। उसकी आवाज़ अब सम्मोहक नहीं, बल्कि बहुत ही अधिकारपूर्ण और डरावनी थी।

हमेशा के लिए तुम सिर्फ और सिर्फ मेरी होकर रहोगी। और किसी भी दूसरे इंसान की नहीं। मीना के पैरों तले से ज़मीन पूरी तरह खिसक गई।

जिन्न की पत्नी? हमेशा-हमेशा के लिए? यह भयानक ख़्याल ही उसे अंदर तक कंपा गया। वह एक खौफनाक शैतान की पत्नी भला कैसे बन सकती थी?

नहीं, यह बिल्कुल भी नहीं हो सकता, वह डर के मारे बुदबुदाई। जिन्न के चेहरे पर पल भर में बेहद क्रूर और भयानक गुस्सा छा गया।

अच्छी तरह से सोच लो मीना, उसने बहुत ही ठंडी आवाज़ में कहा। एक तरफ यह घोर गरीबी, बीमारी, लाचारी और गुमनामी की बदहाल ज़िंदगी है।

और दूसरी तरफ यह बेपनाह दौलत, ऐश-ओ-आराम, और मेरा अटूट प्यार। अब अपनी ज़िंदगी का अंतिम फैसला पूरी तरह से तुम्हारे अपने हाथ में है।

मीना के मासूम मन में एक बहुत ही खौफनाक द्वंद्व चलने लगा। एक तरफ उसकी भयानक गरीबी, उसकी बेबसी और उसकी बीमार बूढ़ी दादी का चेहरा था।

और दूसरी तरफ वह भयानक शैतान जिन्न था, लेकिन उसी के साथ बेपनाह दौलत का वो लुभावना वादा भी जुड़ा हुआ था।

क्या वह अपने जिस्म और अपनी पाक आत्मा का सौदा उस शैतान से कर ले? उसने अपनी झोपड़ी की उन टूटी-फूटी दीवारों को दोबारा देखा।

उसने अपनी बीमार दादी के खाँसने की बहुत ही दर्दनाक आवाज़ सुनी। इस कम्बख्त ज़िंदगी ने उसे आज तक दुख के सिवा कुछ नहीं दिया था।

शायद यही एकमात्र रास्ता था, अपनी बदहाल किस्मत को हमेशा के लिए बदलने का। अगर मैं तुम्हारी पत्नी बन जाऊँ, उसने डरते हुए पूछा।

तो क्या तुम मेरी इस बीमार दादी का हमेशा बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखोगे? जिन्न बहुत ही क्रूरता से मुस्कुराया, एक बहुत बड़ी विजयी मुस्कान।

मैं तुम्हारी हर एक ख़वाहिश को पलक झपकते ही पूरा करूँगा मीना। तुम्हारी दादी को इस पूरी दुनिया के सबसे बेहतरीन चिकित्सक से इलाज मिलेगा।

मीना ने एक बहुत ही गहरी और ठंडी साँस ली। उसने अपनी आँखें कसकर बंद कर लीं और फिर खोलकर सीधे उस जिन्न की आँखों में देखा।

मुझे तुम्हारी यह खौफनाक शर्त पूरी तरह से मंज़ूर है, उसने कहा। उसकी आवाज़ में एक अजीब सी मजबूरी और भयानक दृढ़ता भरी हुई थी।

जिस पल मीना के मुँह से ‘हाँ’ निकला, उसी पल झोपड़ी के चारों तरफ एक बहुत ही तेज़, सर्द और खौफनाक हवा का झोंका आ गया।

आसमान में काले बादलों के बीच भयंकर बिजलियाँ कड़कने लगीं। जिन्न का भयानक चेहरा एक अमानवीय खुशी से बुरी तरह से जगमगाने लगा था।

तुमने अपनी ज़िंदगी का सबसे सही फैसला किया है मेरी मीना, उसने कहा और पहली बार अपना बर्फ जैसा ठंडा हाथ बढ़ाकर मीना को छू लिया।

उसका स्पर्श किसी ठंडे बर्फ की तरह बेहद ज़हरीला था। और अगले ही पल उस घने अँधेरे में सब कुछ बहुत तेज़ी से बदलने लगा।

मीना की वह टूटी-फूटी झोपड़ी पलक झपकते ही एक बेहद विशाल, भव्य और सोने के चमकते हुए आलीशान महल में पूरी तरह तब्दील हो गई।

महल की ऊँची दीवारें शुद्ध सोने और चाँदी से मढ़ी हुई थीं। फर्श पर बेहद कीमती मखमल के बहुत ही मुलायम कालीन बिछे हुए थे।

और महल के अंदर की हवा में बहुत ही महंगे इत्र की खुशबू महक रही थी। मीना ने अपने शरीर पर बहुत कीमती रेशमी वस्त्र पाए।

उसकी बूढ़ी बीमार दादी एक बहुत ही आरामदायक और मखमली बिस्तर पर लेटी हुई थीं। उनके आसपास कई दासियाँ सेवा में मुस्तैद थीं।

मीना यह सब देखकर पूरी तरह से स्तब्ध और हैरान रह गई। यह किसी बहुत बड़े जादू से कम बिल्कुल भी नहीं लग रहा था।

जिन्न उसके ठीक पास खड़ा होकर बहुत ही क्रूरता से मुस्कुरा रहा था। यह सब कुछ सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा है, मेरी रानी, उसने कहा।

रूह कँपा देने वाली रातें और जादुई महल का भयानक सच

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शुरुआत के कुछ दिनों में सब कुछ किसी हसीन सपने जैसा लग रहा था। मीना के पास बेपनाह दौलत थी, आराम था, दादी ठीक हो रही थीं।

जिन्न उसका बहुत ख्याल रखता था। वह उसे रोज़ नए-नए महंगे तोहफे देता था, दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों की सैर करवाता था।

लेकिन धीरे-धीरे कुछ ही महीनों के भीतर मीना को अपनी की गई सबसे बड़ी और खौफनाक भूल का अहसास बहुत गहराई से होने लगा।

वह महल दूर से जितना खूबसूरत दिखाई देता था, अंदर से उसमें एक अजीब सी भयानक उदासी, खौफ और मौत का सन्नाटा पसरा रहता था।

महल में अनगिनत नौकर-चाकर मौजूद थे, लेकिन वे कोई जीते-जागते इंसान नहीं थे। वे सब उस जिन्न के बनाए हुए बेज़ुबान काले साये थे।

वे बिना एक शब्द बोले सिर्फ रोबोट की तरह अपना काम करते रहते थे। मीना अपनी पूरे दिन में किसी से दिल की बात नहीं कर सकती थी।

उसकी दादी भी अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी थीं, लेकिन वे भी उस चमकते हुए जादुई सोने के महल में खुद को कैद महसूस करती थीं।

वे जिन्न के भयानक रूप से थर-थर काँपती थीं और अपनी मासूम पोती की इस दर्दनाक किस्मत पर रात-दिन अकेले में रोती रहती थीं।

जिन्न मीना से बेपनाह प्यार करता था, लेकिन उसका वह प्यार किसी आम इंसान जैसा बिल्कुल नहीं था। वह बहुत ही सनकी और एकाधिकारवादी था।

वह चाहता था कि मीना हर एक पल सिर्फ और सिर्फ उसके पास ही रहे। वह उसे उस महल की ऊँची दीवारों से बाहर नहीं जाने देता था।

बाहरी दुनिया से मीना का पूरा संपर्क हमेशा के लिए टूट चुका था। मीना को अपनी पुरानी सहेलियों की और गाँव की ताज़ा हवा की याद आती थी।

उस महल में बिताई जाने वाली रातें सबसे ज़्यादा डरावनी और रूह कँपा देने वाली होती थीं। जिन्न अपने असली खौफनाक रूप में आता था।

उसकी वे उबलते खून जैसी दहकती हुई लाल आँखें, उसके नुकीले लंबे नाखून और उसकी बर्फ से भी ज़्यादा ठंडी, राख जैसी पीली त्वचा देखकर।

मीना खौफ के मारे पूरी रात अपने बिस्तर पर थर-थर काँपती रहती थी। लेकिन वह चाहकर भी अपनी इस भयानक किस्मत से भाग नहीं सकती थी।

वह अब उस शैतानी जिन्न की पत्नी बन चुकी थी, हमेशा-हमेशा के लिए। उसने खुद अपनी बदहाल गरीबी से तंग आकर अपनी आत्मा का सौदा किया था।

जिन्न जब अपनी बेहद ठंडी और खौफनाक बाहों में मीना को भरता था, तो उसका वह बर्फीला स्पर्श मीना की आत्मा तक को पूरी तरह जमा देता था।

उस महल में अनगिनत कमरे बने हुए थे, लेकिन मीना को लगता था जैसे वह एक बहुत ही चमकीले सोने के पिंजरे में ताउम्र के लिए कैद है।

महल की दीवारों पर लगी खूबसूरत तस्वीरें अँधेरे में उसे घूरती हुई महसूस होती थीं। हवा में तैरती हुई भयानक खामोशी उसे काटने को दौड़ती थी।

अक्सर आधी रात को उसे महल के सूने गलियारों में अजीब-अजीब सी फुसफुसाहटें और किसी के फूट-फूटकर रोने की दर्दनाक सिसकियाँ साफ सुनाई देती थीं।

जैसे उस महल की हर एक दीवार के पीछे न जाने कितनी बेबस और तड़पती हुई भटकी आत्माएँ रो-रोकर अपना दुखड़ा सुना रही हों।

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एक काली रात जब जिन्न गहरे अँधेरे में सो रहा था, मीना ने अपनी जान बचाकर वहाँ से चुपके से भागने की एक खौफनाक कोशिश की।

वह दबे पाँव महल के विशाल मुख्य द्वार तक पहुँच गई। लेकिन जैसे ही उसने उस भारी दरवाज़े को खोलने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।

वह हवा में मौजूद एक बहुत ही खौफनाक अदृश्य दीवार से बुरी तरह टकराकर नीचे गिर पड़ी। उसी पल जिन्न की खौफनाक हँसी गूँज उठी।

तुम मुझे और इस महल को छोड़कर इस जन्म में कभी कहीं नहीं जा सकती मेरी मीना। उसकी वह भयानक आवाज़ हवा में तैर रही थी।

तुम हमेशा-हमेशा के लिए सिर्फ और सिर्फ मेरी ही रहोगी। मीना फर्श पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी। उसे अपनी इस बेबसी पर रोना आ रहा था।

उसने थोड़ी सी दौलत के लालच में अपनी पूरी आज़ादी, खुशियाँ और अपनी पाक आत्मा हमेशा के लिए उस भयानक शैतान को बेच दी थी।

दहलीज पर भटकती रूह और अंतहीन खौफनाक सस्पेंस

धीरे-धीरे दिन बीतते गए, कई महीने बीत गए और देखते ही देखते कई साल गुज़र गए। मीना उस महल में एक ज़िंदा लाश बन गई।

उसकी वह असीम खूबसूरती धीरे-धीरे मुरझाने लगी थी। उसकी मासूम आँखों की चमक पूरी तरह से खो चुकी थी और चेहरे पर सिर्फ सन्नाटा था।

वह अब कभी नहीं मुस्कुराती थी, बस एक कोने में गुमसुम बैठी रहती थी। जिन्न का वह अनचाहा प्यार उसके लिए एक अंतहीन यातना बन चुका था।

कभी-कभी काली चाँदनी रातों में, जब जिन्न अपनी भयानक और शैतानी शक्तियों का नग्न प्रदर्शन करता था, महल में तबाही का मंज़र दिखता था।

आसमान से खून की बारिश होती थी, कटे हुए सिर हवा में नाचते थे और अनगिनत प्रेतात्माओं की चीखें उस अँधेरे महल में गूँजती रहती थीं।

मीना यह सब अपनी आँखों से देखती और उसका मासूम कलेजा दहल जाता था। उसे अहसास हो चुका था कि उसने नरक को अपना घर बना लिया है।

उसकी बूढ़ी दादी भी कुछ सालों बाद शांत मौत मर गईं, लेकिन अपनी पोती की इस भयानक किस्मत पर अपने अंतिम आँसू बहाते हुए गुज़र गईं।

अब मीना उस विशाल और सुनसान महल में पूरी तरह से अकेली रह गई थी। केवल वह शैतान जिन्न और उसके बनाए हुए भयानक काले सायों के साथ।

कहते हैं आज भी कालापानी के उस अभिशप्त जंगल के पास से गुज़रने वाले राहगीरों को आधी रात में एक चमकते हुए महल की झलक दिखती है।

और अगर कोई बहुत ध्यान से उस घने अँधेरे में सुने, तो उसे एक लड़की के बिलख-बिलखकर रोने की बहुत ही दर्दनाक आवाज़ साफ सुनाई देती है।

यह उस अभागी मीना की आवाज़ है, जिसने दौलत के लालच में अपनी आत्मा शैतान को बेच दी थी और ताउम्र के लिए उस सोने के पिंजरे में कैद हो गई।

लेकिन सबसे भयानक और खौफनाक सच तो यह है कि जो भी राहगीर उस रोने की आवाज़ को सुनकर दया खाकर जंगल के अंदर रुकता है।

वह राहगीर कभी भी लौटकर वापस अपने घर नहीं पहुँच पाता। क्या आज भी वह शैतान जिन्न उस घने जंगल में नए शिकार की तलाश में रेंग रहा है?

या फिर मीना की वह तड़पती हुई रूह उस अँधेरे महल में किसी नए मुसाफिर को अपने साथ इस खौफनाक नरक में खींचने के लिए पुकार रही है?

____कहानी समाप्त____

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