एक रात की दुल्हन – मै पत्नी नही शिकार थी । Ek Raat Ki dulhan Hindi Kahani । Emotional Story In Hindi । Hindiirama.com

एक रात की दुल्हन - मै पत्नी नही शिकार थी । Ek Raat Ki dulhan Hindi Kahani । Emotional Story In Hindi । Hindiirama.com

एक रात की दुल्हन – मै पत्नी नही शिकार थी । Ek Raat Ki dulhan Hindi Kahani

1. बचपन , गरीबी और सपने 

कोमल का बचपन बहुत गरीबी में बीता था, लेकिन उसके सपने बहुत अमीर थे। वह जब छोटी थी, तब अपनी माँ के साथ लोगों के घर काम पर जाया करती थी। वहाँ  बड़े – बड़े घर, सुंदर कमरे , अच्छे कपड़े और खुश परिवार देखकर वह चुपचाप सोचती थी की क्या उसकी जिंदगी भी कभी ऐसी होगी।

वह कभी किसी से कुछ कहती नहइ थी, लेकिन उसके दिल में एक ह सपना था – एक दिन उसका भी अपना घर होगा। कोमल पढ़ने में बहुत अच्छी थी , लेकिन घर की हालत इतनी खराब थी कि बारहवीं के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई।

उसके पिता ने कहा , बेटी अगर पैसे होते तो मै  तुझे पढ़ाता , लेकिन मजबूरी है । कोमल ने मुस्कुराकर कहा, कोई बात नही पिताजी , मै नौकरी कर लूँगी । लेकिन गाँव मे नौकरी मिलना इतना आसान नही था। कोमल बहुत सुंदर थी, लेकिन उसे अपनी सुंदरता पर कभी घमंड नही था।

वह हमेशा सिर झुका कर चलती थी, धीरे बोलती थी और घर का सारा  काम करती थी मोहल्ले की औरते उसकी माँ से कहती थी, तुम्हारी बेटी बहुत सीधी है, ईसे अच्छा घर मिल जाएगा। उसकी माँ बस यही सुनकर खुश हो जाती थी ।

रात को जब कोमल छत पर सोती थी, तो आसमान के तारों को देखकर सोचती थी, हे भगवान मुझे  अमीर नही बनना , बस मुझे एक अच्छा पति देना जो मुझे समझे , मुझे कभी रुलाये नही उसे नही पता था कि उसकी यही दुआ उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बनने वाली है।

कोमल को शादी से बहुत डर भी लगता था ,  क्योंकि उसने अपने आस – पास कई औरते की जिंदगी बर्बाद होते देखी थी। कोई पति शराबी था, कोई मारता था , कोई दूसरी औरत के पास जाता था इसलए कोमल हमेशा भगवान से एक प्रार्थना करती थी – मुझे पैसा नही, अच्छा  इंसान देना ।

2. अमीर दूल्हे का रिश्ता 

एक दिन अचानक कोमल के घर एक बड़ी गाड़ी आकर रुकी । पूरे मोहल्ले के लोग बाहर निकल आए , क्योंकि उस मोहल्ले मे इतनी बड़ी गाड़ी कभी नही आई थी । गाड़ी से दो लोग उतरे – एक आदमी और एक औरत । वे सीधे कोमल के घर गए । कोमल की माँ घबरा गई कि इतने बड़े लोग उनके घर क्यों आए है।

वे लोग अंदर बैठे थे और कोमल के पापा से बोले , हम आपके घर रिश्ता लेकर आए हैं हमारा लड़का राजीव शहर मे बड़ा बिजनेस करता है। उसे सीधी – सादी लड़की चाहिए , इसलिए हमने आपकी बेटी  को पसंद किया है । यह सुनकर कोमल के माँ – बाप को विश्वास  हइ नही हुआ।

कोमल को बुलाया गया। वह साधारण से सूट में आई, सिर झुका कर खड़ी हो गई। उन लोगों ने कोमल से दो-तीन सवाल पूछे – खाना बनाना आता है ? घर का काम कर लेती हो ? शहर में रह लोगी ? कोमल ने धीरे से कहा जी ,, कर लूँगी। वे लोग कोमल को देखकर खुश हो गए ।

जाते समय वे लोग कहकर गए की उन्हे यह रिश्ता मंजूर है, पूरे मोहल्ले में खबर फैल गई की कोमल की शादी एक बहुत अमीर घर में होने वाली है। लोग कहने लगे , कोमल की किस्मत खुल गई,,, गरीब की बेटी रानी बनेगी ।

उस रात कोमल सो अनही पायी । वह छत पर बैठी थी आसमान देख रही थी। उसकी माँ उसके पास आई और बोली ,,, बेटी…. भगवान ने हमारी सुन ली , कोमल ने धीरे से बोला,, माँ वो लोग इतने अमीर हैं फिर वो लोग मुझसे शादी क्यों कर रहे है ?

माँ ने कहा,, क्योंकि तू अच्छी है, सीधी है, और यही तेरी सबसे बड़ी ताकत है। कोमल चुप हो गई – लेकिन उसके दिल में हल्का सा डर पैदा हो चुका था ।

3. मीठी बातें और झूठा प्यार 

रिश्ता पक्का होने के बाद राजवीर ने ककोमल से फोन पर बात शुरू कर दी। शुरुआत में कोमल बहुत झिझकती थी , लेकिन राजवीर बहुत प्यार से बात करता था । वह हार बार यही कहता, कोमल मुझे शहर की लड़कियां पसंद नही है, मुझे तुम जैसी सीधी लड़की चाहिए थी ।

 ⇒ यह सुनकर कोमल को बहुत अच्छा लगता और धीरे – धीरे उसका डर कम होने लगा । राजवीर दिन में कई बार फोन करता । कभी पूछता , खाना खाया ? कभी कहता , तुम्हारी आवाज सुनकर दिन अच्छा हो जाता है। कोमल को पहली बार लगा की कोई उसे इतना महत्व दे रहा है।

वह अपनी छोटी – छोटी बाते भी फोन पर उसको बताती – जैसे माँ ने क्या बनाया, पिताजी दुकान पर क्या कर रहे हैं । एक दिन राजवीर ने कहा, शादी के बाद मै तुम्हें हर वो चीज दूँगा जो तुमने कभी सोची भी नही होगी । कोमल ने धीरे से कहा , मुझे बस आपका साथ चाहिए … यह  सुनकर राजवीर हंस पड़ा , लेकिन उसके हंसने में वो सच्चाई नही थी जो कोमल समझ नही पाई।

कोमल हर रात सोने से पहले भगवान से प्रार्थना करती , हे भगवान आपने मुझे इतना अच्छा इंसान दिया  है, से हमेशा मेरे साथ रखना । उसे नही पता था कि जिस इंसान को अच्छा समझ रही है, वह सिर्फ एक झूठा चेहरा है।

धीरे – धीरे कोमल का भरोसा इतना बढ़ गया कि उसे लगा कि अब उसकी जिंदगी मे  कोई दुख नही आएगा। लेकिन सच यह था की उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख अभी इंतजार कर रहा था।

4. शादी और नया घर   

शादी का दिन आ गया। कोमल दुल्हन बनी तो पूरे मोहल्ले मे उसकी चर्चा होने लगी। लाल जोड़े में वह सच में किसी रानी से कम नही लग रही थी। उसकी माँ कि आँखों मे आँसू थे – खुशी के भी और डर के भी। बारात बहुत शान से आई ।

ढोल – नगाड़े , नाच – गाना , बड़ी – बड़ी गाड़ियां – यह सब देखकर कोमल के माँ – बाप को लगा की उनकी बेटी सच मे बहुत अच्छे घर जा रही है । कोमल के पिता ने चुपचाप भगवान को धन्यवाद दिया। फेरे हो गए , शादी पुरइ हो गई ।

विदाई के समय कोमल अपनी माँ से लिपटकर बहुत रोई । उसकी माँ ने कहा, बेटी , अब वही तेरा घर है , हर हाल मे निभाना । कोमल ने आँसू पोंछे और गाड़ी मे बैठ गई। ससुराल पहुँचकर कोमल ने देखा की घर बहुत बड़ा है, लेकिन घर के लोगों के चेहरे पर अजीब सी सख्ती थी ।

किसी ने उसे प्यार से नही देखा , बस औपचारिक तरीके से स्वागत किया । कोमल को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन उसने सोचा शायद यह उसका वहम था। रात हो गई। कोमल को उसके कमरे मे भेज दिया गया। वह घूँघट में बैठी थी , दिल बहुत तेज धडक रहा था।

उसे डर भी लग रहा था और उम्मीद भी थी की अब सब अच्छा होगा। लेकिन उसे नही पता था की यह रात उसकी जिंदगी कि सबसे काली रात बनने वाली है ।

5. सुहागरात का डरावना सच         

थोड़ी देर बाद दरवाजा खुला और राजवीर कमरे मे आया। आज उसका चेहरा बिल्कुल अलग था – न कोई मुस्कान , न कोई प्यार । वह चुपचाप कुर्सी पर बैठ गया और कुछ देर तक कुछ नही बोला । फिर उसने धीरे – धीरे कहा, कोमल तुम्हे एक सच्चाई जाननी चाहिए ।

कोमल घबरा  गई और बोली क्या हुआ ? राजवीर ठंडे स्वर मे कहा, मेरी पहले भी शादी हो चुकी है – और मेरा एक बेटा भी है। यह सुनकर कोमल के हाथ कांपने लगे। उसने रोते हुए कहा, आपने मुझे पहले क्यों नही बताया ?

राजवीर हँसते हुए बोला,, अगर बता देता तो क्या तुम मुझसे शादी करने के लिये तैयार होती? तुम गरीब लोग हो …. इतना अमीर घर छोड़ देती ? कोमल कुछ समय पाती उससे पहले राजवीर ने एक और सच बताया – मै दो बार जेल भी हो चुका हूँ …और मेरी एक और औरत भी है…। लेकिन अब तुम मेरी पत्नी हो…. तुम्हें यही रहना होगा।

उस रात कोमल के साथ जबरदस्ती हुई । वह रोती रही, चिल्लाती रही, लेकिन कोई सुनने वाला नही था । उस रात वह दुल्हन नही थी – वह एक शिकार थी।

6. मै पत्नी नही शिकार थी  

सुबह जब कोमल की आँख खुली,, तो उसकी आंखे सूजी हुई थी और दिल पूरी तरह टूट चुका था। उसे समझ नही आ रहा था की वह जिंदा क्यों है। वह कमरे के एक कोने मे बैठकर रो रही थी। तभी घर की नौकरानी गंगा आई। उसने कोमल की हालत देखी और धीरे से कहा, बीबीजी आप पहली नही हो…. साहब ने बहुत लड़कियों कि जिंदगी खराब की है।

गंगा ने बताया की राजवीर कई लड़कियों को फंसा चुका है उसका इस्तेमाल करके छोड़ चुका है। यह सुनकर कोमल के पैरों तले जमीन खिसक गई । उस समय राजवीर कमरे मे आया । कोमल ने उसे देखते ही जोर से एक थप्पड़ मारा और कहा, मै इंसान हूँ कोई चीज नही ।

कोमल ने बिना कुछ सोचे घर छोड़ दिया, उसके दिमाग मे सिर्फ एक ही बात थी- अब जीना नही है।

7. मौत का फैसला

कोमल सीधे रेलवे स्टेशन पहुँच गई। उसके चेहरे पर आँसू थे और दिल मे दर्द। उसने तय कर लिया था कि अब वह इस दुनिया मे नही रहेगी। वह प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ी ट्रेन का इंतजार कर रही थी। हर पल उसे अपनी जिंदगी के टूटे हुए सपने याद आ रहे थे।

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उसने सोचा था – अगर माँ जिंदा रही, तो लोग मुझे जीने नही देंगे … मुझे मर जाना चाहिए …। ट्रेन आने लगी। कोमल आगे बढ़ी …. उसकी आंखे बंद हो गई। तभी किसी ने उसका हाथ जोर से पकड़ कर उसको अपनी ओर खींच लिया पागल हो गई हो क्या…..  ?

 8. रेलवे स्टेशन पर रोहित 

कोमल ने पीछे मुड़कर देखा – वह रोहित था। उसकी आँखों मे गुस्सा था और चिंता भी। उसने कहा , मरने से सब ठीक हो जाएगा क्या ? कोमल जोर – जोर से रोने लगी । वह वहीं बैठ गई। और रोहित को अपनी सारी कहानी बता दी। शादी का धोखा , जबरदस्ती , राजवीर का सच।

रोहित ने सब कुछ चुपचाप सुना । उसने एक बार भी कोमल को गलत नजर से नही देखा । उसने सिर्फ इतना कहा , गलती तुम्हारी नही है ,,,, गुनहगार वो हैं ,,,, रोहित ने कोमल को पानी पिलाया , उसे शांत किया और कहा, अगर तुम आज हार गई , तो वो जीत जाएगा। क्या तुम उसे जीतने दोगी ?

उस दिन कोमल ने पहली बार सोचा – शायद उसे मरना नही लड़ना चाहिए ।

9. रोहित का साथ  

रेलवे स्टेशन वाली रात के बाद कोमल की जिंदगी पुरइ तरह बदल चुकी थी। वह अंदर से टूट चुकी थी। लेकिन रोहित उसे अपने एक जानने वाले के घर ले गया। जहाँ कुछ दिन के लिए कोमल सुरक्षित रह सके । कोमल पूरे दिन चुप रहती थी ।

किसी से बात नही करती थी , बस एक हइ जगह बैठी रहती थी रोहित उसके लिए खाना दवाई और उससे बात करने केे कोशिश करता , लेकिन कोमल के पास जैसे शब्द ही खत्म हो गए  थे । एक दिन रोहित ने कोमल से कहा, अगर तुम ऐसे ही चुप रहोगी तो वो आदमी जीत जाएगा जिसने तुम्हारे साथ गलत किया है।

 कोमल ने पहली बार रोहित की तरफ देखा । उसकी आँखों में आँसू थे उसने धीरे से कहा, मै लड़ना चाहती हूँ । लेकिन मुझमे ताकत नही है। रोहित ने कहा, ताकत मै बनूँगा , तुम बस हिम्मत मत हारना ।

रोहित ने कोमल के रहने का इंतजाम किया और एक छोटी सी कंपनी मे नौकरी भी दिला दी। जहाँ कोमल ऑफिस का काम करने लगी । शुरू -शूरू में लोग उससे सवाल करते थे – तुम कहाँ से आई हो ? तुम्हारा परिवार  कहाँ है ? लेकिन कोमल हर सवाल पर चुप हो जाती थी।

उसे डर था कि अगर लोगों को सच पता चला, तो वो भी उसे गलत समझेंगे । एक दिन ऑफिस में एक आदमी ने कोमल पर गलत टिप्पणी कर दी। कोमल डर गयी और कुछ नही बोली, लेकिन रोहित ने  उस आदमी को सबके सामने डाटा और कहा, इज्जत करना सीखो , नही तो नौकरी चली जाएगी।

उस दिन कोमल को पहली बार लगा की कोई उसके लिए खड़ा है। धीरे – धीरे कोमल को रोहित पर भरोसा होने लगा उसे लगा कि दुनिया मे अगर कोई  उसका अपना है, तो वह रोहित है। लेकिन उसके दिल में अभी भी डर था – विश्वास टूटने का डर ।

10. विश्वास और प्यार   

समय धीरे – धीरे बीत रहा था। कोमल अब नौकरी पर जाने लगी थी, लोगों से थोड़ी- थोड़ी बात करने लगी थी, लेकिन वह अभी भी ज्यादा हँसती नही थी। रोहित हमेशा उसे समझाता, जिंदगी खत्म नही हुई है, बस एक बुरा अध्याय था।

एक दिन कोमल ऑफिस मे बेहोश हो गई। जब उसे होश आया , तो उसने देखा कई वह अस्पताल में है और रोहित उसके पास बैठा था उसकी आँखों में चिंता साफ दिखाई दे रहा था कोमल ने धीरे से पुछा , आप गए नहइ ? रोहित ने कहा , तुम्हें छोड़कर कहाँ जाता ?

उस दिन कोमल बहुत रोई । उसने पहली बार रोहित का हाथ पकड़ा और पकड़कर कहा,,,, मै बहुत डरती  हूँ । सब आदमी एक जैसे नही होते । अगर सब बुरे होते तो मै आज तुम्हारे साथ नही होता । कुछ दिनों बाद कोमल ने रोहित को अपना सच , जबरदस्ती का सच, राजवीर की सच्चयी – सब कुछ ।

वह रोते  हुए बोली,, अब बताओ , क्या तुम फिर भी मुझसे शादी करोगे ? रोहित कुछ देर चुप रहा, फिर बोला ,प्यार शरीर से नही ,दिल से होता है। तुम्हारे साथ जो हुआ उसमे तुम्हारी कोई गलती नही , अगर तुम चाहो , तो मै पूरी जिंदगी तुम्हारा साथ दूँगा । यह सुनकर कोमल फुट – फूट कर रोने लगी । उस दिन उसे रोहित पर पूरा विश्वास हो गया ।

11. राजवीर की धमकी     

एक दिन अचानक ऑफिस के बाहर एक बड़ी गाड़ी आकर रुकी। उसमे से राजवीर उतरा। उसे देखते ही कोमल के हाथ  कांपने लगे। वह वापस उसी डर में चली गई जिससे वह बहुत मुश्किल से बाहर आई थी।

राजवीर ने कोमल से कहा, तुम सोचती हो तुम मुझसे बच जाओगी? तुम मेरी पत्नी हो , और अगर मेरे खिलाफ गई तो तुम्हारे माँ – बाप को बर्बाद कर दूँगा। कोमल डर गई, लेकिन इस बार वह अकेली नही थी।

तभी रोहित वहाँ आ गया। उसने राजवीर का हाथ पकड़कर कहा, धमकी देना बंद करो, नही तो अभी पुलिस बुलाऊँगा । राजवीर हँसते हुए बोला , पुलिस ? पुलिस भी मेरी जेब मे है। उस दिन कोमल बहुत डर गई । उसने रोहित से कहा, हम उससे नही जीत सकते , वह भूत ताकतवर है। रोहित ने कहा , ताकत पैसे से नही , सच से मिलती है।

उसी दिन रोहित ने फैसला किया – अब यह लड़ाई अदालत मे होगी।

12. पुलिस और केस 

रोहित कोमल को लेकर पुलिस स्टेशन गया। शुरू मे पुलिस ने केस लिखने मे आनाकानी की। क्योंकि राजवीर एक बड़ा आदमी था। लेकिन रोहित ने हार नही मानी । रोहित ने एक वकील से बात की और फ़र शि तरीके से केस दर्ज करवाया – धोखा , जबरदस्ती शादी, अपराध , धमकी – सब कुछ ।

जब राजवीर को पता चला की उसके खिलाफ केस हो गया। तो वह  गुस्से से पागल हो गया। उसने कोमल को फोन करके धमकी दी, केस वापस ले लो, नही तो बहुत बुरा होगा। कोमल डर गई और रोहित से कहा, मै केस वापस लेना चाहती हूँ….

मुझे डर लग रहा हा …. रोहित ने कहा, अगर आज डर गई , तो जिंदगी भर डरती रहोगी। कोमल ने आँसू पोंछे और कहा, ठीक है, मै लड़ूँगी ।

13. अदालत की लड़ाई   

कोर्ट मे पहली तारीख आई। कोमल बहुत डरी हुई । उसके हाथ कांप रहे थे । लेकिन रोहित ने उसका हाथ पकड़ा और कहा, डरो मत मै हूँ। कोर्ट में राजवीर बहुत आत्मविश्वास से खड़ा था , जैसे उसे पता हो की उसे कुछ नहइ होगा ।

⇒  उसके वकील ने कोमल पर हइ सवाल उठाने शुरू कर दिया । कोमल रोने लगी , लेकिन रोहित ने उसे हिम्मत दी। फिर गंगा (नौकरानी ) को गवाही के लिए बुलाया गया।

गंगा ने कोर्ट मे सच बता दिया – राजवीर कि पहली शादी , दूसरी औरत , दूसरी लड़कियां , सब कुछ। धीरे  – धीरे केस मजबूत होता गया  । अब फैसला आने वाला था।

14. फैसला और नई जिंदगी   

फैसले वाले दिन कोर्ट मे बहुत सन्नाटा था। जज फैसला सुनाया – राजवीर दोषी है, उसे सजा दी जाएगी। यह सुनकर कोमल रो पड़ी । यह हार के आँसू नही थे, यह जीत के आँसू थे। कोर्ट से बाहर निकलते समय कोमल रेलवे स्टेशन पर नही मिलते, तो मैं आज जिंदा नही होती।

कुछ महीनों बाद उन दोनों ने शादी कर ली । और खुश थे।

कहानी का संदेश 

जिंदगी मे चाहे कितना भी बड़ा दुख क्यों ना आए, अगर एक सच्चा इंसान साथ खड़ा हो,  तो जिंदगी फिर से शुरू हो सकती है। धोखा देने वाला हमेशा हारता है। और  सच  का साथ देने वाला हमेशा जीतता है।  और  सच्चा प्यार वही है, जो अंत तक आपका साथ  देने का वादा करे। Ek Raat Ki dulhan Hindi Kahani

 

Author: Hindi Rama

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