अधूरी चिट्ठियों का पूरा सच – विधवा नंदनी । Emotional Story In Hindi । Indian Family Stories । Parivarik Kahani ।

अधूरी चिट्ठियों का पूरा सच - Hindi Romantic Suspense Story । Grihshobha Style Story । by Hindirama.com

अधूरी चिट्ठियों का पूरा सच – विधवा नंदनी । Emotional Story In Hindi  

बारिश की वह रात नंदिनी की जिंदगी में जैसे हमेशा के लिए जम गई हो ,,,, घड़ी की सुइयाँ आगे बढ़ रही थी , लेकिन समय उसके लिए वहीं ठहर गया था। रजीव को आए बहुत देर हो चुकी थी । फोन बंद था।

दिल घबराहट से भरा हुआ दरवाजे पर दस्तक हुई । वह दौड़ी ।  सामने पुलिस थी। उसके बाद बहुत सी आवाजे आनी शुरू हो गई लोगों के रोने की , सब धुंधला हो गया  था।

सुबह उसकी चूड़ियाँ उतरी और उसका सिंधूर पोंछा और फिर सफेद साड़ी उसके हाथों में थमा दी गई। आईने में उसने खुद को देखा तो, यह वो नंदिनी नही थी, जो कल तक राजीव की पसंद से गुलाबी साड़ी पहन कर मुस्कुराती थी।

घर में सन्नाटा था लेकिन उसे उससे भी फर्क महसूस होने लगा। रसोई में अब उसकी जरूरत कम पड़ने लगी और सभी फैसलों में उसका नाम नही लिया जा रहा था।  सिर्फ सास जो उसको चुपचाप देखती रहती थी।

उनकी आँखों में भी वही खालीपन था जो नंदिनी के दिल में था एक रात नंदिनी को बहुत तेज बुखार था, वह बिना खाए ही लेती रही , आधी रात को किसी ने उसके माथे पर ठंडा कपड़ा रखा । कुछ कहा ले बेटी ,,,, यह उसकी सास थी ।

उस दिन पहली बार नंदिनी उनके गले लग कर फुट फुट कर रोई , दोनों का दर्द एक जैसा था एक ने पति खोया था तो, दूसरी ने बेटा । उस रात से उन दोनों का रिश्ता बदल गया । दिन बीतते गए खर्च भी बढ़ने लगे।

देवरानी की बातों में चुभन आने  लगी । नंदिनी ने नौकरी करने की बात की तो घर में विरोध होने लगा। लेकिन इस बार सास उसके साथ खड़ी थी मेरी बहु काम करेगी और वो भी सिर उठाकर काम करेगी।

उस दिन नंदिनी को ऐसा लगा जैसे उसे फिर से माँ मिल गई हो। स्कूल का पहला दिन था हाथ कांप रहे थे , सास ने उसके माथे पर काला टीका लगाया – नजर ना लगे मेरी बेटी को । यह सुनकर उसकी आंखे भर आई ।

बच्चों की ” गुड मॉर्निंग मैम ″ ने उसकी खोई हुई पहचान लौटा दी। वही आदित्य था। वह नंदिनी को देखकर बस मुस्कुरा देता । एक दिन  उसने नंदनी को कहा आपके अंदर बहुत हिम्मत है। बहुत दिनों बाद किसी ने उसकी कमजोरी नही उसकी ताकत देखी।

घर लौटने पर सास उसके लिए चाय बना कर रखती , उसके दिन भर की बाते सुनती कभी कभी उसकी सास उसे राजीव की बचपन की शरारते सुनाती । दोनों हँसते – हँसते रो पड़ती । उनका रिश्ता अब माँ – बेटी के जैसा हो  गया था।

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एक दिन उसे वह लिफाफा मिला जिसमे लिखा था अगर मुझे कुछ हो जाए तो, उसके हाथ कापने लगे अंदर फोटो थी , राजीव …. एक औरत …. और एक बच्चा । उसकी दुनिया  फिर हिल गई उस रात उसने खाना नही खाया ।

सास समझ गई तो उन्होंने उससे पुछा क्या हुआ बेटी ? नंदिनी ने फोटो उनके हाथ में रख दी। कुछ पल के लिए सास भी चुप रही फिर बोली,,,, सच जान लेते हैं , हम दोनों साथ में चलेंगे । मुरादनगर की वह यात्रा उनके रिश्ते को और भी गहरा कर गई।

वहाँ जाकर जब सच का पता चला कि राजीव ने अपने दोस्त से किया हुआ वादा निभा रहे थे तो सास की आँखों में गर्व था मेरा बेटा ऐसा ही था , नंदिनी ने उनका हाथ थाम लिया दोनों रो रही थी , लेकिन दिल हल्का था।

वापस आते समय सास ने पहली बार कहा , आदित्य तुम्हें पसंद करता है ना ? नंदिनी चौक गई । बेटी…… जिंदगी रुकी नही है। धीरे – धीरे आदित्य का घर आने लगा। सास उसके लिए उसके पसंद के पकौड़े बनाती ,।

आदित्य उन्हे माँ कहकर बुलाता , उस दिन नंदिनी की आंखे फिर भर आई , एक शाम बिजली चली गई थी आँगन में दिया जल रहा था , नंदिनी चाय लेकर आई तो उसका हाथ आदित्य के हाथ छु गया। दोनों चुप …… और सास दूर खड़ी मुस्कुरा रही थी ।

लेकिन मुसीबत फिर से आई स्कूटर का ब्रेक फेल इस बार सास ने उसका हाथ कसकर पकड़ा , डरना मत …. मैं हूँ। जांच में साजिश सामने आई कोर्ट  में नंदनी के साथ सास भी खड़ी थी मेरी बहु कमजोर नही है।

सास  की आवाज पूरे कमरे में गूंज उठी उस दिन नंदिनी ने सिर्फ केश नही जीता उसने अपना आत्मविश्वास फिर से वापस पा लिया । शादी की बात आई तो नंदनी झिजक गई । सास ने उसके सिर पर हाथ रखा कहा – मैं तुझे वादा नही कर रही तुझे नया जीवन दे रही हूँ।

शादी बहुत सादगी से हुई । नंदिनी ने सबसे पहले सास के पैर छूए , उन्होंने उसे गले लगाकर कहा तुम हमेशा मेरी बेटी बनकर रहोगी। आदित्य ने दोनों के चरण छूए । घर में जैसे फिर से रौनक छा गई । अब सुबह तीन कप चाय बनती थी ।

एक नंदिनी की एक आदित्य की और एक उसकी माँ। तीनों साथ बैठकर बाते करते । राजीव की तस्वीर के सामने दीपक जलता है। और नंदिनी मन ही मन कहती है – आपने ही हमे जोड़ा है।

अंतिम भाव रिश्ता खून से नही दर्द से बनता  है, सास अगर माँ बन जाए तो एक विधवा की जिंदगी में भी खुशियां आ सकती है । प्यार खत्म नही होता बस अपना रूप  बदल लेता है। 

Emotional Story In Hindi  

Author: Hindi Rama

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