नीला सियार – जंगल का नकली राजा । Panchatantra Story In Hindi With Moral ।

नीला सियार - जंगल का नकली राजा । Panchatantra Story In Hindi With Moral । Hindirama.com

नीला सियार – जंगल का नकली राजा । Panchatantra Story In Hindi With Moral ।

बहुत समय पहले की बात है, एक घना और रहस्यमयी जंगल था , जहाँ तरह – तरह के जानवर रहते थे। उस जंगल में चलाक लेकिन कमजोर सियार भी रहता था । वह हमेशा खाने की तलाश में इधर – उधर भटकता रहता था, क्योंकि उसकी ताकत इतनी नही थी कि वह खुद शिकार कर सके।

⇒ जंगल के बाकी जानवर उससे ज्यादा ताकतवर थे – शेर बाघ , भालू और वह हमेशा उनसे डरता रहता था। कई बार उसे भूखा ही सोना पड़ता था । धीरे – धीरे उसके मन में यह इच्छा पैदा हुई कि काश वह भी जंगल का राजा बन पाता ।

शहर की ओर भागता सियार

एक दिन बहुत भूख लगने के कारण सियार जंगल छोड़कर पास के शहर की ओर चला गया। उसे लगा  कि शायद वहाँ कुछ खाने को मिल जाए , लेकिन शहर उसके लिए खतरनाक साबित हुआ । जैसे ही वह शहर में घुसा , कुत्तों के झुंड ने उसे देख लिया ।

सभी कुत्ते जोर – जोर से भौंकते हुए उसके पीछे दौड़ पड़े। सियार डर के मारे इधर – उधर भागने लगा और उसे समझ नही आ रहा था कि कहाँ जाए । भागते भागते वह एक धोबी के घर में घुस गया, जहाँ उसकी किस्मत बदलने वाली थी।

नीले रंग में बदल गया सियार

धोबी के घर में एक बड़ा सा टब रखा था, जिसमे नीले रंग का घोल भरा हुआ था । जान बचाने के लिए सियार बिना सोचे – समझ उसी टब में कूद गया। जब कुत्ते उसे ढूंढते हुए वहाँ पहुंचे , तो उसने देखा कि उसका पूरा शरीर नीले रंग का हो चुका है।

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वह खुद को देखकर हैरान रह गया हैरान रह गया और पहले तो डर गया। लेकिन फिर उसके दिमाग में एक चालाक योजना आई – क्यों ना इस नए रूप का फायदा उठाया जाए।

बना जंगल का नकली राजा 

नीले रंग में रंगा हुआ सियार वापस जंगल में पहुँचा । जैसे ही बाकी जानवरों ने उसे देखा, वे डर गए क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऐसा अजीब जानवर नही देखा था। सियार ने मौका देखकर ऊँची आवाज में कहा, डरो मत !

मै भगवान द्वारा भेजा गया विशेष प्राणी हूँ और मुझे इस जंगल का राजा बनाया गया है। उसकी बातों में आकर शेर , बाघ , हाथी और बाकी जानवरो ने उसे सच मान लिया और उसे अपना राजा स्वीकार कर लिया।

अब सियार आराम से रहने लगा उसे बिना मेहनत के रोज अच्छा खाना मिलने लगा और वह पेश करने लगा ।

सच्चाई सामने आने लगी

कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन एक रात जंगल में दूर कही सियारों का झुंड हुआ – हुआ करने लगा। यह आवाज सुनकर नीला सियार खुद को रोक नही पाया और वह भी उसी तरह हुआ – हुआ करने लगा ।

जैसे ही उसने आवाज निकाली , बाकी जानवर समझ गया कि यह कोई दिव्य प्राणी नही बल्कि एक साधारण सियार है।

झूठ का अंत

सच्चाई सामने आते ही सारे जानवर गुस्से से भर गए। उन्हे एहसास हुआ कि वे इतने समय तक एक झूठे राजा के अधीन थे । शेर और बाघ ने तुरंत उस पर हमला कर दिया। सियार डर के मारे भागने लगा, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।

कुछ ही समय में उसकी चालाकी और झूठ का अंत हो गया ।

कहानी से सीख 

⇒ झूठ ज्यादा दिन नही चलता

⇒ जो भी इंसान या जीव झूठ के सहारे आगे बढ़ता है, उसका सच एक दिन जरूर सामने आ जाता है ।

⇒ अपनी असली पहचान छुपाना गलत है हमे हमेशा अपनी सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि नकली पहचान ज्यादा समय तक टिकती नही।

⇒ लालच और अहंकार का अंत बुरा होता है ।

⇒ सियारने लालच और घमंड मे आकर खुद को राजा बना लिया था लेकिन अंत में उसे सजा मिली । नीला सियार एक ऐसी कहानी है जो हमे सिखाती है कि चालाकी और झूठ से मिली सफलता हमेशा अस्थायी होती है। अगर हम सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चले तो हमे हमेशा सम्मानऔर सफलता मिलती है।

Panchatantra Story In Hindi With Moral

Author: Hindi Rama

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