तलाक की रात – emotional story hindi
⇒ कबीर के स्वर हवा में तैरते रह गए − सच अभी पूरा नही है ….. रिया की साँसे तेज हो गई । अर्जुन की आंखे गुस्से से नही बल्कि डर से भरा हुआ था , कमरे में ऐसी खामोशी थी जैसे तूफान आने से पहले सन्नाटा ।
⇒ कौन सा सच ? अर्जुन ने दबी आवाज में पुछा । उसकी आवाज में पहली बार अहंकार नही था । रिया ने आंखे बंद किया,,, कबीर प्लीस ….. लेकिन कबीर पीछे हटने वालों में से नही था । अर्जुन तुम्हें याद है तुम्हारा एकसडेन्ट कैसे हुआ था ?
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⇒ अर्जुन चौक सा गया …। ट्रक ड्राइवर की गलत थी । कबीर ने गहरी साँस ली । नही वो हादसा नही था …। कमरे की दिवरे जैसे कांपने लगी अर्जुन का चेहरा पीला पड़ गया । मतलब ? रिया की आँखों से आँसू बहने लगे।
⇒ तुम्हारी कंपनी में जिस डील को लेकर झगड़ा चल रहा था …. वो डील फेल हो जाती टों तुम्हें करोड़ों का नुकसान होता । और वो ट्रक उसी कंपनी के लोगों ने भेजा था । अर्जुन के हाथ कांपने लगे । तो ये सब साजिश था ? कबीर ने सिर हिलाया ।
⇒ रिया ने कांपती आवाज में कहा , मैंने तुमसे इसलिए ये सब छुपाया …..।क्योंकि डॉक्टर ने कहा था कि तुम्हें ज्यादा तनाव से तुम्हारी तबीयत बिगड़ सकती है । अर्जुन ने दीवार पकड़ ली ,,,, उसकी साँसे भारी हो रही थी। इसका मतलब तुम दोनों इतने साल से ये सब कुछ जानते थे …. और मैं अंधेरे में था?
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⇒ मै तुम्हें बचाना चाहती थी ! रिया चीख पड़ी । तुम्हारी जान ,, तुम्हारा करियर ,,, तुम्हारा आत्मसम्मान …. सब कुछ दांव पर था । अर्जुन की आँखों में आसू आ गए। और मेरा विश्वास वो दांव पर नही था ? कमरे में फिर से एक बार खामोशी सी छा गई।
⇒ अचानक अर्जुन गुस्से में टेलब पर मुक्का मारा ,,। मुझे तुम दोनों पर शक करने का पूरा हक था ! रिया ने पहली बार चीखे स्वर में कहा ,,,, और मुझे सच छिपाने का हक था ,,,, क्योंकि मैं तुम्हारी पत्नी हूँ ।
⇒ बहस तेज हो गई शब्द तीर बन कर निकल रहे थे प्यार , ताने शिकायते – सब एक साथ बाहर आ रहे थे। तुम्हें हमेशा लगता था ,,, मैं कमजोर हूँ। अर्जुन चिल्लाया क्योंकि तुम कभी मुझे मजबूत होने का मौका नही देते थे । रिया ने जवाब दिया ।
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⇒ कबीर ने बच में बोलना चाहा लेकिन अर्जुन ने उसे धक्का दे दिया । ये हमारी लड़ाई हैं। रिया अचानक चुप हो गई । उसने आलमर से एक फाईल निकली । ये देखो …। अर्जुन ने फाईल खोली – उसमे मेडिकल रिपोर्ट थी । रिपोर्ट पढ़ते ही अर्जुन के पैरों तले जमीन खिसक गई ।
⇒ रिया की दिल की बीमारी जो पिछले दो साल से ज्यादा बढ़ रही थी । तुमने मुझे कभी बताया क्यों नही अर्जुन की आवाज कांप रही थी। रिया मुस्कुराई – क्योंकि मैं नह चाहती थी कि तुम फिर से टूट जाओ । डॉक्टर ने कहा है,,, मेरे पास ज्यादा समय नही है कमरे की हवा जैसे जम गई हो।
⇒ अर्जुन के हाथ से फाईल गिर गई ,, ये …. ये झूठ है ,,, रिया ने धीमे आवाज से कहा कि कक्ष ऐसा होता । कबीर ने धीरे से कहा रिया इलाज के लिए विदेश जाना चाहती थी,,,, लेकिन उसने तुम्हारे बिजनेस के कर्ज चुकाने के लाइ पैसे लगा दिए।
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⇒ अर्जुन घुटनों के बल बैठ गया मैंने तुम्हें गलत समझा …. तुम्हें शक की नजर से देखा … और तुम ,,, उसकी आवाज टूट रही थी। रिया ने उसके चेहरे को छुआ ,, और बोली की मैंने तुम्हें इसलिए तलाक देने के लिए बोला ताकि तुम मुझसे आजाद हो सको ना कि तुमसे नफरत करती हूँ।
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⇒ आजाद ? अर्जुन ने आँसुओ के बीच पुछा। हाँ ताकि मेरे जाने के बाद तुम्हें कम दर्द हो। अर्जुन ने उसे गले से लगा लिया दोनों बहुत रो रहे थे । जैसे सात साल का हर दबा हुए दर्द आज बह रहा हो। कबीर चुपचाप दरवाजे की ओर बढ़ गया अब मेरी जरूरत नही है , उसने धीरे से कहा और चला गया। बाहर बारिश रुक चुकी थी ।
⇒ अंदर अर्जुन ने तलाक के बचे हुए कागज उठाए … और मोमबत्ती की लौ में जला दिए। तलाक की रात … अब हमारी आखिरी लड़ाई नही होगी होगी उसने कहा । रिया मुस्कुराई – ये हमारी नई शुरुआत होग चाहे जितनी छोटी क्यों ना हो।
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⇒ अर्जुन ने उसी रात फैसला किया की वो सब कुछ छोड़ कर रिया का इलाज करवाएगा । अब लड़ाई दुनिया से थी एक – दूसरे से नही । खिड़की से आती हल्की चाँदनी में दोनों एक – दूसरे का हाथ थामे बैठे थे तलाक की रात प्यार की जीत में बदल चूकी थी।
⇒ सुबह की पहली किरण के साथ अर्जुन ने फुसफुसाकर कहा − मैं तुम्हें कभ नहीं छोड़ूँगा,, चाहे वक्त छोड़ दे । रिया की आंखे बंद थी, लेकन चेहरे पर शांति थी। तलाक के कागज जल चुके थे । नफरत पिघल चुकी थी , और उस रात एक रिश्ता खत्म नही हुआ – बल्कि सच्चे प्यार में बदल गया।