After Death Mystery
⇒ जब किसी मनुष्य की मृत्यु होती हैं । तब Garuda Purana के अनुसार उसकी आत्मा को यमदूत यमलोक की ओर ले जाते हैं । इस यात्रा में सबसे भयानक स्थान माना जाता हैं । — वैतरणी नदी । कहा जाता हैं , कि यह कोई साधारण नदी नही होती ।
⇒ बल्कि इसमे ! …. खून – आग – कीचड़ – मरे हुए जीव – जहरीले साँप और जलते हुए अँगारे से भी खतरनाक इस नदी में बुरे कर्म करने वाले व्यक्तियों के लिए सजाएं मौजूद होती हैं । इस नदी से इतनी ज्यादा भयानक बदबू आती हैं , कि पापी आत्माएं इसे देखते हीं भय से कांपने लगती हैं ।
⇒ जैसे – जैसे आत्मा वैतरणी नदी के पास पहुंचती हैं , ” उसकी चीखे और तेज होने लगती हैं भयानक यमदूत सभी आत्माओं को बिना रुके नदी की तरफ धक्का मारते हैं ” अब सभी बुरी आत्माएं यह सोचती हैं , कि हे ! भगवान काश एक चांस मिल जाए मुझे अच्छे कर्म करने के लिए ।
⇒ ताकि वह उस भयंकर व खतरनाक वैतरणी नदी में जाने से बच जाए । मगर उस समय तो बस सजा मिलती हैं ।
⇒ जिन लोगों नें जीवन में पाप – धोखा – अत्याचार – हत्या और निर्दोष लोगों को अत्यंत कष्ट दिया हैं । उन्हे इस नदी का भयानक रूप दिखाई देता हैं ।
⇒ कहा जाता हैं कि ! जिन मनुष्यों नें अपने जीवन में गौ सेवा की होती हैं । भूखों को खाना खलाया होता हैं । दान – पुण्य किया होता हैं । अपने माता – पिता की सेवा की होती हैं । व पशु – पक्षियों थोड़ा समय निकालकर भी उन्हे दाना – पानी दिया होता हैं ।
⇒ उनकी वैतरणी नदी पार करने के लिए ! “ एक पवित्र गाय सहायता करती हैं ” वह आत्मा गाय की पूँछ पकड़कर धीरे – धीरे नदी पार करती हैं ।
⇒ उस समय गाय पवित्र शक्ति का रूप मानी जाती हैं । लेकिन जिन्होंने गाय को मारा , उसे भूखा रखा या उसका अपमान किया और उस पर कभी दया नहीं दीखाई । तो फिर उन्हे उस पवित्र गाय का सहारा कभी नहीं मिलता ।

⇒ ऐसी पापी आत्माएं उस भयानक कष्टदायी नदी में गिर जाती हैं । वे खून और आग से भरे पानी में डूबती – उतरती – चीखती रहती हैं । मगर कोई भी उनकी मदद नहीं करता ।
⇒ जिन लोगों नें जीवनभर लालच – पाप व अहंकार मे रहकर दूसरों को हमेशा दुख ही दया हैं । उनके लिए वैतरणी नदी और भी खतरनाक भयानक बन जाती हैं ।
⇒ नदी का पानी अचानक उबलने लगता हैं । आग की लपटे उठती हैं । और आत्मा का बुरी तरह से दम घुटता हैं । कई आत्माएं डर के मारे गाय की पूँछ पकड़ने की कोशिश करती हैं । लेकिन गाय की पूँछ उनके हाथ में बिल्कुल नही आती ।
⇒ अब डूबती हुई आत्मा यमदूतों से दया की भीख माँगती रहती हैं । मगर पाप का फल तो भोगना ही पड़ता हैं ।
⇒ अंत में जब आत्मा वैतरणी पार कर लेती हैं । तब उसे यमराज के दरबार में ले जाया जाता हैं । जहाँ उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब होता हैं । लेकिन जो आत्माएं नदी पार नहीं कर पाती वे लंबे समय तक उसी भयानक जल में तड़पती रहती हैं ।

उबलते तेल के विशाल कड़ाहा में पापियों को जिंदा फेंकना
⇒ यमलोक के भयानक नरक में चारों तरफ आग हइ आग जल रहीं थीं । बड़े – बड़े लोहे के कड़ाह उबलते तेल से भरे हुए थें । उन कड़ाहों से इतनी भयानक गर्मी निकल रही थीं , कि पास खड़ी आत्माएं डर से कांपने लगती थीं ।
⇒ तभी यमदूत एक पापी आत्मा को जंजीरों से बाँधकर वहाँ लाए । वह आदमी जीवन में गरीबों का धन छीनता था । लोगों से झूठ बोलता था । और दूसरों को बहुत दुख देता था । अब मरने के बाद जैसे हइ उसने उबलते तेल का कड़ाह देखा , — वह डरकए मारे जोर – जोर से रोने लगा । और यमदूतों से माफी माँगने लगा ।
⇒ लेकिन यमदूत उसे घसीटते हुए कड़ाह के पास ले गए और अगले ही पल , उसे खोलते तेल में फेंक दिया । उसकी दर्दनाक चीखे पूरे नरक में गूंज उठी ।
⇒ पापी आत्मा बार – बार तेल के कड़ाह से बाहर निलने की कोशिश करती । लेकिन यमदूत लोहे के भाले और डंडों से उसे फिर अंदर धकेल देते । उबलते तेल में उसका शरीर जलने लगता और वह बार – बार दर्द से तड़प उठता ।
⇒ आसपास खड़ी दूसरी आत्माएं यह भयानक सजा देखकर डर से कांपने लगती ।
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⇒ यमदूत कहते हैं ! — जिसने धरती पर निर्दोष लोगों को बेवजह रुलाया हैं । दूसरों का हक छिना या हत्या जैसा पाप किया हैं , उसे यही दंड मिलता हैं । और Garuda Purana में भी यही बताया गया हैं । हमेशा अपने माता – पिता व दूसरों की सेवा करो । बेवजह इंसान , जानवर व पक्षियों को दुख नही देना चाहिए । After Death Mystery

तलवार जैसे नुकीले पत्तों वाले जंगल में नंगे पैर दौड़ना
〈 असिपत्रवन नरक 〉
⇒ गरुड़ पुराण में बताया गया हैं कि ! — यनलोक में एक ऐसा भयानक जंगल भी होता हैं । जहाँ पेड़ों के पत्ते साधारण नहीं बल्कि तेज तलवारों जैसे नुकीले होते हैं ।
⇒ कहा जाता हैं कि ! ” जो लोग निर्दोषों को कष्ट देते हैं । दूसरों के साथ विश्वासघात करते हैं । और अपने लालच में गलत काम करते हैं ” उन्हे इस डरावानी जंगल की सजा दी जाती हैं । जब पापी आत्मा वहाँ पहुँचती हैं । — तब यमदूत उसे नंगा करके जंगल में दौड़ने के लिए मजबूर करते हैं ।
⇒ जैसे ही आत्मा आगे बढ़ती हैं ! “तलवार जैसे पत्ते उसके शरीर को काटने – चीरने लगते हैं ” चारों तरफ दर्द भरी चीखें गूँजती रहती हैं । और जमीन पर खून बहने लगता हैं । पापी आत्मा डर के मारे रुकना चाहती हैं , लेकिन पीछे खड़े यमदूत उसे भालो और कोड़ों से आगे दौड़ाते रहते हैं ।
⇒ उस जंगल में कदम – कदम पर भय छिपा होता हैं । तेज हवाओं के साथ पेड़ों के नुकीले पत्ते टूटकर आत्माओं के ऊपर गिरते रहते हैं । जिससे उनके शरीर पर घरे घाव हो जाते हैं । कई आत्माएं रोते हुए यमदूतों से दया की भिख माँगती हैं ।
⇒ लेकिन उन्हे कोई राहत नहीं मिलती । क्योंकि जो जैसा करेगा वैसा भरेगा । After Death Mystery

जहरीले साँपों और बिछुओं द्वारा बार – बार डसकर खरनाक सजा देना
⇒ गरुड़ पुराण के अनुसार यमलोक में एक भयानक स्थान होता हैं । जिसे अंधकूप नरक कहा जाता हैं । यह एक गहरा और अँधेरा कुआँ होता हैं । यहाँ चारों तरफ जहरीले साँप बड़े – बड़े बिच्छू और डरावने कीड़े भरे होते हैं ।
⇒ जब पापी आत्माओं को वहाँ लाया जाता हैं । — तब यमदूत उन्हे उस अंधे कुएं में धक्का दे देते हैं । जैसे ही आत्मा नीचे गिरती हैं । सैंकड़ों जहरीले साँप उसके शरीर से लिपट जाते हैं। और बार -बार उन पापी आत्माओं को डसने लगते हैं ।
⇒ बड़े – बड़े बिच्छू अपनें जहरीले डंक से बुरी आत्मा को दर्दनाक यातना देते रहते हैं । चारों तरफ केवल चीखें और डरावनी आवाजे सुनाई देती हैं ।
⇒ सारी पापी आत्माएं दर्द से तड़पते हुए ! — बाहर निकलने की बार – बार कोशिश करती हैं । लेकिन कुआँ इतना गहरा होता हैं , कि वह बाहर नहीं निकल पाते ।
⇒ गरुड़ पुराण में कहते हैं , कि जो लोग जितनी परेशानी और बेईमानी करके लोगों को बार – बार दुखी करतें हैं । ” और जितनी वही लोग उस पापी को बद्दुआएं देते हैं । उससे भी कई गुना ज्यादा यमदूत उन पापियों को उस गहरे कुएं में डालकर दर्द देते हैं “
⇒ इसलिए जीवन में अच्छे कार्य करने चहिए । वेवजह कभी किसी को दुख मत दो । दान – धर्म करते रहो । क्योंकि हर कर्म का फल मृत्यु के बाद अवश्य मिलता हैं ।

यमदूतों द्वारा लोहे के कोड़ों और जलती जंजीरों से भयानक सजा देना
⇒ रौरव नरक ! — गरुड़ पुराण के अनुसार यमलोक में एक भयानक नरक होता हैं । उसे रौरव नरक कहा जाता हैं । यहाँ उन पापियों को लाया जाता हैं । जिन्होंने धरती पर गरीबों पर बहुत अत्याचार किया हैं । भाई या किसी भी अन्य व्यक्ति का हक छिना हैं । वेवजह गरीबों की जमीन हथियाई हैं या उनको थोड़ा कर्जा देकर ज्यादा ब्याज बताकर झूठ बोला हैं ।
⇒ अपने स्वार्थ के लिए गरीब लोगों को रुलाया हैं । — ऐसी पापी आत्मा को नुकीली जंजीर से बाँधकर यमदूत रौरव नरक ले जाते हैं । और फिर जब चारों तरफ पापी आत्माएं धुआँ – दर्द – चीखे देखती हैं , तो यह सब देखते हइ उनकी रूह कांप उठती हैं ।
⇒ बड़े – बड़े काले यमदूत हाथों में लोहे के भारी कोड़े और जलती हुई जंजीरे लेकर खड़े रहते हैं । जैसे ही पापी आत्मा वहाँ पहुँचती हैं ।
⇒ वह खतरनाक यमदूत उन्हे चुभनें वाली जंजीरों से बाँध देते हैं । और घसीटते हुए , जलती जमीन पर ले जाते हैं ।
⇒ कहा जाता हैं , कि जलती हुई लोहे की जंजीरे पापी आत्मा के शरीर से लिपट जाती हैं । और उसे असहनीय पीड़ा होने लगती हैं । जब आत्मा दर्द से चिल्लाती हैं । और दया की भिख माँगती हैं । — तब यमदूत लोहे के कोड़े से उसे और भी मारते रहते हैं ।
⇒ सभी पापी आत्माएं डरती – चीखती यहाँ वहाँ भागती हैं । मगर कर्मों की सजा मिलना तय हैं । यमदूत भी मजबूर होते हैं । उन्हे अपना कार्य करना हइ होता हैं ।
⇒ इसलिए …. हमे भगवान श्री कृष्ण जी नें धरती पर तो भेजा पर , ” पर हम बुरे कर्म करके उन्ही के बनाए नियम तोड़ देते हैं । और भूल जाते हैं कि हर पाप की सजा तैयार हैं , जान बूजहकर किये गए पापों की तो कोई सुनवाई नहीं होती , यमदूत उसे सीधी सजा देते हैं ” After Death Mystery
⇒ इसलिए ! — हमेशा , दूसरों की मदद करों । माता – पिता की हमेशा सेवा करों । किसी की जमीन धोखे से मत लो । हत्या या किसी गरीब को बेवजह मत मारो ।
⇒ हमेशा ! दान – धर्म करों । गरीबों व पशु पक्षियों को खाना खिलाओ । जितना भी बन सकें आपसे उतना करों । बाकी समय …. हरी का नाम जपो