भारत में द्वारका नगरी कहाँ स्थित हैं ? Mystery Of Dwarka
द्वारका भारत के गुजरात राज्य में अरब सागर के किनारे स्थित एक प्राचीन और पवित्र नगर हैं ।
मान्यता हैं , कि भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद इसी नगरी को अपनी राजधानी बनाया था
कैसे बसी थी द्वारका नगरी
पौराणिक कथाओं के अनुसार , श्री कृष्ण नें अपने लोगों की सुरक्षा के लिए समुद्र के किनारे एक भव्य नगरी बसाई ।
कहा जाता हैं कि , यह नगरी सोने जैसे चमकते महलों , बड़े विशाल द्वारों और सुंदर भवनों से सुसज्जित थीं । और इसलिए ही इसे भगवान श्री कृष्ण की स्वर्णिम नगरी कहा जाता हैं ।
आखिर क्यों डूब गई पूरी द्वारका नगरी ?
महभारत युद्ध के पश्चात माता गांधारी ने क्रोध में आकर श्री कृष्ण को श्राप दिया था — ” कि जस प्रकार उनका सारा वंश नष्ट हो गया , उसी प्रकार यादव वंश का भी अंत हो जाएगा “
पौराणिक मान्यताओ मनीतौ मान्यताओ के अनुसार , समय बीतने पर माता गांधारी का श्राप भी सत्य हुआ ।
जब भगवान श्री कृष्ण नें पृथ्वी पर अपना अवतार पूर्ण किया , तब द्वापर युग का अंत भी होने लगा ।
कहा जाता हैं ,कि उनके बैकुंठ धाम प्रस्थान के कुछ ही समय बाद अचानक समुद्र का जल तेजी से बढ़ने लगा ।
और धीरे – धीरे कृष्ण की सुंदर द्वारका नगरी समुद्र में पूरी तरह समा गई । यही द्वारका का सबसे बड़ा रहस्य माना जाता हैं ।
समुद्र की घराइयों में क्या मिला ?
समुद्र के भीतर गहरायों में की गई खोजों में पत्थर की दीवारों जैसी संरचनाएं , प्राचीन लंगर , चट्टानों से बने अवशेष और मानव बस्ती के संकेत मिले हैं ।
इन सभी खोजों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया , कि शायद समुद्र के नीचे वास्तव में कोई प्राचीन नगरी मौजूद थीं ।
हालांकि वैज्ञानिक आज भी शोध कर रहें हैं , और यह अभी तक पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ हैं , कि समुद्र के नीचे मिले हुए सभी अवशेष वही द्वारका हैं । जिनका वर्णन महाभारत में मिला था ।
निष्कर्ष
द्वारका केवल एक प्राचीन नगरी नही , बल्कि इतिहास आस्था और रहस्य का अद्धत संगम हैं ।
माता गांधारी के श्राप , श्री कृष्ण के प्रस्थान और समुद्र के नीचे मिले अवशेषों नें इसे दुनियाँ के सबसे रहस्यमयी स्थलों में शामिल कर दिया । Mystery Of Dwarka