भगवान कहाँ रहते हैं – Akbar Birbal Story In Hindi
⇒ मुगल सम्राट अकबर केवल एक महान शासक ही नही थे बल्कि ज्ञान के प्यासे और आध्यात्मिक बातों मे रुचि रखते थे। उनके दरबार मे अलग – अलग धर्मों और विद्वानों कों सम्मान दिया जाता था। वे अक्सर संतों , फकीरों और पंडितों से ईश्वर और जीवन के रहस्यों के बारे मे पुछा करते थे ।
⇒ एक दिन की बात है। दरबार सजा हुआ था । चारों ओर मंत्री , दरबारी और विद्वान बैठे थे। अचानक अकबर के मन मे एक गहरा अकबर के मन मे एक गहरा सवाल उठा । उन्होंने दरबारियों की ओर देखा और पुछा – बताओ भगवान कहाँ रहते है ? यह प्रश्न सूनते ही दरबार मे सन्नाटा छा गया । यह कोई साधारण सवाल नहीं था सभी सोच मे पद गए ।
⇒ कुछ दरबारी इधर – उधर देखने लगे औरकुछ सिर झुककर बैठे रहे । अकबर ने फिर कहा जो इस प्रश्न का सही उत्तर देगा उसको मुह माँगा इनाम मिलेगा। कई विद्वानों ने अलग – अलग जवाब दिए किसी ने कहा भगवान मंदिरों मे होते हैं ।
⇒ तो किसी ने कहा भगवान तीर्थ स्थलों मे रहते हैं , भगवान आसमान मे रहते हैं। लेकिन अकबर को किसी का उत्तर संतोषजनक नही लगा। तभी उन्होंने बीरबल की ओर देखा और कहा , बीरबल तुम बताओ भगवान कहाँ रहते है ?
⇒ बीरबल ने विनम्रता से सिर झुका कर कहा जहाँपनाह इस प्रश्न का उत्तर मै कल दूँगा । तो अकबर मान गए।
⇒ अगले दिन सुबभ दरबार लगा और सभी मंत्री दरबारी अपने – अपने स्थान को ग्रहण कर चुके थे । तभी दरबार मे बीरबल एक मासूम से छोटा सा बालक को लेकर आए । वह एक साधारण परिवार का होशियर , समझदार बालक था।
⇒ अकबर ने आश्चर्य से पुछा – बीरबल यह बालक कौन है ? बीरबल बोले जहाँपनाह आज आपके प्रश्नों का उत्तर यही बालक देगा । दरबार मे हलचल मच गई सभी सोचने लगे यह छोटा सा बालक इतने बड़े प्रश्न का उत्तर कैसे देगा ।
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⇒ बीरबल ने उस बालक से कहा बेटा, बादशाह सलामत के प्रश्न का उत्तर दो । भगवान कहाँ रहते हैं ?
⇒ महराज पहले आप मेरे तीन प्रश्नों का उत्तर दीजिए फिर मैं आपके प्रश्नों का उत्तर दूँगा। अकबर को यह बात अच्छी लगी । उन्होंने कहा पूछो ,,,,।
⇒ बालक ने एक गिलास दूध मँगवाया , जब दूध आ गया तो उसने पुछा- महारज दूध मे मक्खन कहाँ हैं? अकबर बोले मक्खन तो पूरे दूध मे होगा, बस दिखई नही दे रहा। फिर उसने एक जलती मोमबत्ती मँगवाई और पुछा – इस मोमबत्ती की रोशनी कहाँ है ? अकबर ने कहा चारों ओर फैली है ।
⇒ फिर बालक ने तीसरा प्रश्न पुछा – महाराज आप मीठा कहते है तो मिठास कहाँ जाती है, अकबर ने कहना मिठास तो हर कौर में होती है। अब बालक मुस्कुराया और बोला – जहाँपनाह जैसे दूध मे मक्खन , मोमबत्ती की रोशनी और मिठास हर कौर में होती है, वैसे ही भगवान भी हर जगह रहते हैं ।
⇒ वह हमारे अंदर , आपके अंदर इस पूरी सृष्टि मे मौजूद हैं,। उन्हे किसी एक जगह नही बांधा जा सकता है । दरबार मे सन्नाटा छा गया और सभी दरबारी बालक के बुद्धिमानी से दंग रह गए । अकबर की आँखों मे चमक आ गई।
⇒ उन्होंने कहा वाह आज हमारे प्रश का सही उत्तर मिल गया है। फिर उन्होंने बीरबल की ओर देखा और कहा , यह सब तुम्हारी शिक्षा का परिणाम हैं । बीरबल ने सिर झुका कर कहा , जहाँपनाह सच्चा ज्ञान वही है जो सरल शब्दों मे समझ आ जाए।
⇒ अकबरने उस बालक को ढेर सारा इनाम दिया और उसके पढ़ाई – लिखाई कि अच्छी व्यवस्था करवाई। उस दिन अकबर को यह समझ आ गया की भगवान मंदिर , मस्जिद आसमान , और तीर्थों में नही बल्कि भगवान सच्चे मन , अच्छे कर्म , और प्रेम मे ढूँढा जा सकता है।
⇒ दरबार मे बैठे सभी लोग भी इस बात से बहुत प्रभावित हुए । हर किसी के मन मे भगवान के प्रति एक नई श्रद्धा जग गई।
कहानी से सीख ⇒ भगवान हर जगह हैं – हमारे अंदर प्रकृति मए और हर जीव मे।
⇒ सच्चे मन मए और अच्छे कर्मों में ही ईश्वर का वास होता है।
⇒ ज्ञान वही है जो सरल और समझने योग्य हो। Akbar Birbal Story In Hindi