भयानक आत्मा या खूबसूरत लड़की। रात में वह कौन थी? Romantic Horror Story।

भयानक आत्मा या खूबसूरत लड़की। रात में वह कौन थी? Romantic Horror Story।Hindirama.com
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अंधेरी रात में आपको भी कोई खूबसूरत लड़की अगर मुसीबत में मिलें, तो  वह शायद कोई आत्मा भी हो सकती हैं। 

यह डरवानी कहानी ऐसी हई हैं। एक लड़का सुनसान रास्ते में किसी लड़की की जान बचाता हैं। और वह लड़की बेहद खूबसूरत होती हैं, लेकिन लड़के को कैसे पता लगा, कि वह एक भयानक आत्मा हैं? 

तो इस कहानी को पढ़कर जानिए इस डरवानी कहानी का क्या रहस्य हैं?              

काली रात भटकती आत्मा । Romantic Horror Story

काली रात, तेज बारिश, सुनसान सड़क और जंगल से आती एक लड़की की डरावनी चीख।

उस रात जीत को बिल्कुल अंदाजा नही था कि वह जिस लड़की की जान बचाने जा रहा है वह लड़की इंसान नही बल्कि एक भटकती आत्मा थी ।

भैरवपुर गाँव के लोग रात होते ही घरों के दरवाजे बंद कर लेते थे । गाँव के बाहर मौजूद पुरानी हवेली को लोग मौत वाली हवेली कहते थे।

कहते थे कि वहाँ रात में एक सफेद कपड़ों वाली लड़की दिखाई देती है जिसकी आंखे इंसानो जैसी नही थी।

लेकिन जीत इन सब बातों पर कभी विश्वास नही करता था । वह निडर था। लड़ाई-झगड़े से नही डरता था और भूत-प्रेत को सिर्फ लोगों का वहम मानता था ।

बारिश वाली रात का डरावना सच 

उस रात जीत अपनी बाइक से शहर से लौट रहा था। आसमान में बिजली चमक रही थी। सड़क पर दूर-दूर तक कोई नही था।

तभी अचानक जंगल की तरफ से एक लड़की की चीख सुनाई दी . 

बचाओ प्लीज मुझे बचा लो

जीत ने तुरंत बाइक रोक दी ।

उसका दिल तेजी से धड़कन लगा। आवाज इतनी दर्द भरी थी की वह खुद को रोक नही पाया।

वह जंगल की तरफ भागा … और जो उसने देखा … उसे देखकर उसका खून जम गया।

चार नकाबपोश आदमी एक खूबसूरत लड़की को घसीट रहे थे । लड़की बारिश में बुरी तरह कांप रही थी। 

उसके लंबे बाल चेहरे पर चिपके हुए थे और आँखों में ऐसा डर था, जिसे देखकर किसी का भी दिल कांप जाए । छोड़ दो मुझे।

लड़की चीखी, तभी जीत गुस्से मे चिल्लाया-हाथ मत लगाना उसे। चारों आदमी जीत की तरफ मुड़े।

भाग यहाँ से, वरना यही गाड़ देंगे। जीत मुस्कुराया “चार लोग मिलकर एक लड़की से लड रहे हो, शर्म नही आती?”

अगले ही पल भयंकर लड़ाई शुरू हो गई । एक आदमी ने लोहे की रॉड से हमला किया । दूसरे ने चाकू निकाल लिया। लेकिन जीत भी कम नही था।

 धड़ाम…। उसने एक आदमी को जोरदार मुक्का मारा। दूसरा आदमी जीत पर झपटा, लेकिन जीत ने उसे लात मारकर कीचड़ में गिरा दिया ।

बारिश के बीच सड़क पर मारपीट और चीखो की आवाज गूंजने लगी। तभी एक गुंडे ने लड़की के बाल पकड़ लिए । अगर ज्यादा हीरो बनेगा तो इसे मार देंगे । लड़की रोने लगी….। प्लीज जीत मुझे बचा लो।

पता नही क्यों … उसकी आवाज सुनते ही जीत के अंदर आग सी भड़क उठी।

उसने पास पड़ा डंडा उठाया और गुंडों की बुरी तरह पिटाई कर दी। कुछ मिनट बाद चारों आदमी डरकर भाग गए। 

उसकी खूबसूरती… इंसानो जैसी नही थी

लड़की कांपती हुई जमीन पर बैठ गई। जीत उसके पास गया। तुम ठीक हो … ?

लड़की ने धीरे – धीरे चेहरा उठाया। जीत कुछ पल के लिए उसे देखता ही रह गया , इतनी खूबसूरत लड़की उसने पहले कभी नही देखी थी।

उसकी बड़ी – बड़ी आँखे गुलाबी होंठ …. और बारिश में भीगा चेहरा किसी सपने जैसा लग रहा था।

मेरा नाम चंचल है …। उसने धीमी आवाज में कहा।

जीत ने अपना जैकेट उसके ऊपर रख दिया। अब डरने की जरूरत नही… मैं हूँ ना । चंचल पहली बार हल्का – सा मुस्कुराई। उसकी मुस्कान देखकर जीत का दिल अजीब तरह से धड़कने लगा।

जीत उसे अपने घर ले आया। लेकिन जैसे ही उसकी माँ ने चंचल को देखा …. उनके चेहरे का रंग उड़ गया। जीत … ये लड़की कौन है …. ? माँ जंगल मे कुछ लोग इसे मारने वाले थे ।

माँ कुछ सेकंड तक चंचल को देखती रही फिर धीरे से बोली- इसकी आंखे बहुत डरावनी हैं।


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आधी रात में जो जीत ने देखा …. उसकी रूह कांप गई

 रात  के करीब दो बजे अचानक जीत की आँख खुल गई। उसे लगा जसे कोई घर के बाहर चल रहा हो। ठक …. ठक…. ठक…। जीत धीरे – धीरे खिड़की के पास गया ।

बाहर देखकर उसका पूरा शरीर कांप उठा। चंचल बारिश में खड़ी थी…। लेकिन उसके पैर जमीन को छु नहीं रहे थे…। वह हवा में तैर रही थी। उसकी आंखे पूरी सफेद थी …। और बाल अपने आप हवा में उड़ रहे थे ।

जीत डर के मारे पीछे हट गया । तभी चंचल ने धीरे – धीरे अपना सिर घुमाया जीततततत ….। तभी बिजली चमकी …. और अगले हि पल चंचल गायब हो गई। सुबह जीत पसीने में भीगा हुआ उठा ।

वह डर गया था, लेकिन फिर भी उसक दिल चंचल की तरफ खींचता जा रहा था । उसने चंचल से पुछा – कल रात तुम बाजार थी … ?

चंचल कुछ देर चुप रही… फिर बोली- अगर मै इंसान ना हुई…. टों क्या तुम मुझसे नफरत करोगे … ?

जीत चौक गया । ये कैसी बाते कर रही हो… ? चंचल की आँखों में आँसू आ गए । क्योंकि … लोग सच जानकर मुझसे डर जाते हैं ।  

प्यार या मौत का साया ?

धीरे – धीरे जीत और चंचल एक – दूसरे के करीब आने लगे । कभी दोनों बारिश में भीगते हुए बाते करते कभी हवेली की छत पर बैठकर चंद देखते ।

लेकिन हर रात जीत को अजीब चीजे दिखती । कभी चंचल गायब हो जाती तो कअभी उसका चेहरा दरवाना हो जाता था। एक रात जब चंचल का हाथ जीत ने पकड़ा था .

सच बताओ तुम कौन हो? चंचल की आँखों से आँसू निकल पड़े ।

अचानक कमरे की सारी लाईट बंद हुई। चारों तरफ बर्फ जैसी ठंडी हवा चलने लगी। धीरे-धीरे चंचल का चेहरा बदलने लगा ।

उसकी आंखे एकदम सफेद थी चेहरे पर डरावनी मुस्कान आ गई। मैं चंद्रिका हूँ। जीत का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।

25 साल पहले इस गाँव वालों ने मेरा  प्यार मुझसे छीन लिया था। तभी अचानक दीवारों पर खून से शब्द उभरने लगे-मुझे इंसाफ चाहिए।

मौत वाली डरावनी हवेली में आखिरी लड़ाई

पूरे महल में डर का माहौल फैल गया था। गाँव के लोग मशाल लेकर हवेली की तरफ बढ़ने लगे ।

उस चुड़ैल को खत्म करो ….। हवेली मे चारों ओर से आग लगा दी । चारों तरफ चीखे आग और डरवानी आवाज गुँजने लगी। लेकिन जीत चंचल को छोड़ने को तयार नहीं थे ।

वह आग के बीच ही हवेली के अंदर भाग गया ।

लकड़ियाँ गिर रही थी दीवारे टूट रही थी। तभी जीत ने देखा चंचल आग के बीच खड़ी रो रही थी।

भाग जाओ जीत वरना तुम्हारी भी जान चली जाएगी। जीत उसकी तरफ बढ़ा। अगर मरना पड़ा तो तुम्हारे साथ मरूँगा। चंचल रो पड़ी ।

पहली बार किसी ने उससे डरने के बजाय उससे प्यार किया था। तभी अचानक छत गिरने लगी , जीत ने चंचल को कस कर पकड़ लिया।

अगले ही पल तेज रोशनी फैली। चंचल का असली चेहरा सामने आ गया।

चंचल बेहद हइ खूबसूरत थी तुमने मेरे लिए अपनी जान खतरे में डाल दी। जीत मुस्कुराया। क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूँ चंचल की आँखों से आँसू बहने लगे।

सच्चा प्यार कभी नही मर सकता जीत।

अगले ही पल उसका शरीर धीरे – धीरे रोशनी में बदलने लगी। मैं हमेशा तुम्हारे दिल में रहूँगी और फिर वो धीरे- धीरे गायब हो गई ।

आज भी। जब भैरवपुर  में तेज बारिश होती है तो लोग कहते हैं कि पुरानी हवेली की छत पर एक खूबसूरत लड़की दिखाई देती है।

लेकिन अब उसकी आँखों में डर नही सिर्फ अधूरा प्यार दिखाई देता है। समाप्त   


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