बारिश , होटल का राज और साजिश का खेल । Mystery Of A Billionaires Son
⇒ उस शाम आसमान धीरे – धीरे काला पड़ने लगा था, मुंबई की हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी। ऑफिस की खिड़कियो से बाहर देखते हुए काव्या ने देखा कि बादल बहुत तेजी से घिर रहे हैं। जैसे कोई तूफान आने वाला हो।
⇒ ऑफिस का काम खत्म होते – होते बर्ष शुरू हो चुकी थी। लेकिन यह कोई हल्की बारिश नही थी ।
⇒ कुछ ही देर बाद आसमान से तेज मूसलाधार बारिश होने लगी। सड़के पानी से भरने लगी, गाड़ियां धीमी हो गई और सब लोग इधर – उधर जाने लगे।
⇒ काव्या बाहर निकली तो उसकी फाइल भीगने लगी। उसने जल्दी से अपना बैग ऊपर किया और दौड़ने लगी।
⇒ लेकिन बारिश इतनी तेज थी की कुछ दिखाई नही दे रहा था। उसकी हालत ऐसी हो गई जैसे पूरा शहर पानी में डूब रहा हो।
⇒ उसी समय विराज अपनी कार लेकर बाहर आया। उसने दूर से देखा की काव्या भागते हुए बस स्टैन्ड की तरफ जा रही है।
⇒ वह तुरंत कार रोककर उसके पास पहुँचा । काव्या इधर आओ जल्दी ,,,, विराज ने आवाज लगाई ।
⇒ काव्या भागकर जल्दी से कार में बैठ गई। लेकिन वह पूरी तरह भीग चुकी थी। उसके बाल चेहरे पर चिपक गए थे ।
⇒ और कपड़े भारी हो गए थे। इतनी तेज बारिश तुम अकेली कैसे जाओगी ? उसने चिंता से कहा।
⇒ काव्या कांपती आवाज में बोली घर जाना जरूरी है, माँ की दवाई लानी है। लेकिन रास्ता पूरा बंद लग रहा था। विराज कुछ देर चुप रहा वह खिड़की से बाहर बारिश देख रहा था।
⇒ उसे पता था की अगर वह काव्या को ऐसे ही घर छोड़ेगा तो वह बीमार पड़ जाएगी।
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⇒ बारिश बहुत तेज थी कार के अंदर भी आ रही थी। तभी विराज ने अचानक कार मोड़ी ।
⇒ काव्या ने पुछा , कहाँ जा रहे हो ? विराज ने हल्के से मुसकुराते हुए कहा, घर नही आज बाहर खाना खाते हैं।
⇒ काव्या चौक गई , क्या ? इस बारिश में और मैं इस हालत में, विराज ने कहा , तुम अभी घर जाओगी तो बीमार पड़ जाओगी।
⇒ और वैसे भी आज तुम्हारी नौकरी लगने की खुशी है ,,, तो छोटा सा जश्न तो बनता है।
⇒ काव्या कुछ समझ नही पाई , लेकिन उसकी हालत देखकर उसने मना भी नहीं किया ।
⇒ कुछ देर बाद कार मुंबई के सबसे बड़े होटल की ओर बढ़ रही थी। – द रॉयल क्राउन ग्रैंड । बारिश अब और तेज हो चुकी थी ।
⇒ होटल की चमकदार लाइटें बारिश की बूंदो में खूबसूरत लग रही थी। लेकिन उसी खूबसूरती के पीछे बहुत बडा राज छिपा था।
⇒ विराज ने एक गहरी सांस ली। उसे पता था कि आज वह काव्या को सिर्फ खाना नही खिला रहा, बल्कि उसकी जिंदगी का एक नया सच सबके सामने आने वाला था।
⇒ होटल के बाहर गार्ड खड़े थे , जैसे ही विराज और काव्या अंदर आने लगे, गार्ड उन्हे रोकने के लिए आगे आए।
⇒ यह कोई सड़क नही है, अंदर जाना है तो ठीक कपड़े और स्टेटस होना चाहिए। एक गार्ड ने ताना मारा।
⇒ काव्या का चेहरा शर्म से झुक गया । उसे पहली बार ऐसा लगा की शायद वह सच मुच यहाँ ठीक नही बैठती। लेकिन विराज शांत खड़ा रहा।
⇒ उसने सर्फ एक फोन निकाला और एक नंबर डायल किया। मैं नीचे हूँ गेट पर ।
इस कहानी के भाग 1 की कहानी का लिंक — अरबपति का बेटा ड्राइवर क्यों बना ? ड्राइवर या अरबपति ( भाग 1 ) । Mystery Of A Billionaires Son
⇒ फोन काटते ही होटल में हलचल मच गई। जनरल मैनेजर भागता हुआ बाहर आया ।
⇒ जैसे ही उसने विराज को देखा उसके चेहरे का रंग उड़ गया। सर…. आप बाहर क्यों खड़े हैं ? पूरा स्टाफ सुन्न पड़ गया।
⇒ जो लोग कुछ मिनट पहले काव्या का मजाक उड़ा रहे थे , अब वही सिर झुका कर खड़े थे । काव्या यह सब देखकर पुरी तरह हैरान थी।
⇒ उसके मन मे पहला सवाल उठा — एक साधारण ड्राइवर को इतना सम्मान क्यों मिल रहा है ?
⇒ लेकीन विराज ने कोई जवाब नही दिया । उसने सिर्फ काव्या का हाथ पकड़ कर अंदर चलने को कहा।
काव्या को विराज पर हुआ होटल में शक
⇒ अंदर होटल को बहुत ही खास तरीके से सजाया था , हर कर्मचारी खड़े होकर उन्हे रिस्पेक्ट दे रहे थे ।
⇒ लेकिन किसी को यह नही पता था कि वह साधारण लड़का इस होटल का मालिक भी हो सकता है।
⇒ यह बात पुरी तरह एक राज थी, जिसे सिर्फ चुनिंदा लोग ही जानते थे। काव्या को एक शानदार टेबल पर बैठाया गया।
⇒ बारिश की आवाज अब भी खिड़कियों पर पड़ रही थी, लेकिन अंदर सब कुछ बहुत शांत और रॉयल था।
⇒ काव्या ने धीरे से पुछा ,,, तुम सच में कौन हो ? विराज । विराज ने हल्की मुस्कान दी , और कहा मैं वही हूँ जो तुम जानती हो। लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसा सच था जिसे वह अभी भी छिपा रहा था।
⇒ खाना शुरू हुआ लेकिन काव्या के मन में सवाल खत्म नही हो रहे थे। उसे लग रहा था कि विराज कुछ बहुत बड़ी बात छिपा रहा है।
रिया कपूर ने की काव्य के लिए रची नई साजिश
⇒ दूसरी तरफ रिया कपूर ऑफिस में गुस्से मे बैठी थी। उसे यह बर्दाश्त नही हो रहा था कि काव्या हर बार बच कैसे जाती है।
⇒ उसने मन ही मन तय कर लिया कि अब वह काव्या को किसी भी कीमत पर गिराएगी।
⇒ उसने कंपनी के कुछ पुराने दस्तावेज खोल दिए , और एक नई साजिश रची। अब देखती हूँ तेरा खेल कितना चलता है , उसने धीरे से कहा।
⇒ उसे पता था कि यह आरोप सही साबित हो गया तो, काव्या की नौकरी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
भाग 2 समाप्त …. इसका भाग 3 और अंतिम भाग जल्द आएगा ….
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