कॉन्ट्रेक्ट वाली शादी : क्या करोड़पति लड़की नंदिनी भाग 3 में , एक चाय वाले गरीब लड़के जीत से एक साल का कान्ट्रैक्ट वाली शादी करेगी ?
मुसीबत में जीत ने नादिनी को बचाया । लेकिन अब आएगा उससे भी बड़ा तूफान । और क्या नादिनी को जीत की असलियत का पता लग जाएगा ?
कौन हैं जीत ? और वह इस झोपड़ी में क्यों रह रहा हैं ? अब नादिनी के चाचा महवीर कौनसा बड़ा खतरा पैदा करेंगे ?
तो पढ़िए आगे की कहानी । कॉन्ट्रेक्ट वाली शादी भाग 3
एक चाय वाले से हुआ शादी का एक साल का कॉन्ट्रेक्ट । contract Bride Marriage Story
कोर्ट मैरीज के बाद जब जीत और नंदिनी वापस बस्ती में आए, घर में आकर बैठे तब बाहर सब कुछ शांत था, और उसी समय एक बहुत बड़ा तूफान उठा ।
सिंघानिया महल में महावीर सिंघानिया का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
उसके सामने रौनक कपूर खड़ा था, जिसकी आँखों में जलन और बदले की आग साफ दिखाई दे रहा था।
महावीर ने गुस्से में एक कांच का गिलास उठाया और उसे बहुत जोर से दीवार पर मारा वह गिलास टूट गया।
एक चाय वाले ने मेरी पूरी योजना बर्बाद कर दी, रौनक दांत पीसते हुए बोला — सिर्फ नंदिनी नही, वह लड़का भी इसकी कीमत चुकाएगा।
उसी रात महावीर ने अपने कुछ खास गुंडों को बुलाया।
उसके चेहरे पर खतरनाक मुस्कान फैल गयी। लड़की को वापस लेकर आओ ….. और अगर वह लड़का बीच में आए….. तो उसे हमेशा के लिये खत्म कर देना।
जीत और नंदिनी पर हुआ बस्ती में आधी रात का हमला
उस रात नंदिनी को नींद नही आ रही थी, वह खिड़की के पास बैठी आसमान में चमकते चाँद को देख रही थी।
अचानक बाहर कुत्तों के भौकने की आवाज आने लगी। जीत तुरंत सतर्क हो गया ।
उसे खतरे की आहट महसूस हो गई थी। अगले ही पल घर का दरवाजा जोर से हिला । धड़ाम……. ! सावित्री और गुड़िया डरकर उठ बैठी ।
बाहर लगभग दस से बारह आदमी खड़े थे । उनके हाथों में डंडे और लोहे की रॉड थी।
नंदिनी को बाहर भेज दो ! एक गुंडा चिल्लाया । नंदिनी का चेहरा पीला पड़ गया। लेकिन जीत की आँखों में डर नही था।
उसने धीरे से कहा — माँ आप सब अंदर रहो । अगले पल वह बाहर निकला ।
बस्ती के कुछ लड़के भी शोर सुनकर बाहर आ गए। उनमे से कुछ उसके दोस्त सोनू, राकेश और अमन भी थे।
गुंडो ने हमला कर दिया। लेकिन जीत किसी साधारण इंसान की तरह नही लड रहा था।
उसका हर वार सीधा निशाने पर लग रहा था। एक गुंडा गिरा। दूसरा पीछे हट गया । तीसरा जमीन पर लुढ़क गया।
कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल बदल गया। जो लोग हमला करने आए थे, वही जान बचाकर भागने लगे।
जाते – जाते एक गुंडा चिल्लाया — महावीर साहब तुम्हें छोड़ेंगे नही ! यह नाम सुनते ही नंदिनी समझ गई कि उसके चाचा अब खुलकर मैदान में उतर चुके हैं।
जीत पर बढ़ता नादिनी का भरोसा
अगले दिन नंदिनी बहुत देर तक जीत को देखती रही। वह समझ नही पा रही थी कि आखिर यह लड़का है कौन ?
एक तरफ वह चाय बेचता था। दूसरी तरफ दस लोगो का अकेले सामना कर लेता था।
उसके अंदर एक अजीब आत्मविश्वास जो अवसर बड़े घरों में पैदा होता है। शाम को जब दोनों घर की छत पर बैठे थे, तब नंदिनी ने पुछा — तुम्हें डर नही लगता ?
जीत हल्का सा मुस्कुराया। डर सबको लगता है।
फर्क बस इतना है कि कोई डरकर भाग जाता है और कोई उसका सामना करता है। नंदिनी चुप हो गई। पता नही क्यों,,,,,, उसके दिल में जीत के लिये सम्मान और बढ़ गया।
गुंडों के हमले के बाद जीत का शहर छोड़ने का फैसला
गुंडों के हमले के बाद जीत समझ गया था कि अब बस्ती सुरक्षित नही रही। महावीर के पास पैसा था। ताकत थी। आदमी थे।
इसलिए उसने फैसला किया कि कुछ समय के लिये शहर छोड़ना होगा।
दुनिया को दिखाने के लिये यह खबर फैला दी गई, कि जीत और नंदिनी शादी के बाद घूमने जा रहे हैं।
लेकिन असल मे सुरक्षा का हिस्सा था । सावित्री ने दोनों कोविदा करते समय कहा — अपना ख्याल रखना ।
गुड़िया मुस्कुराकर बोली — भैया , भाभी को परेशान मत करना । यह सुनकर नंदिनी शर्म से मुस्कुरा दो ।
कान्ट्रैक्ट वाली शादी भाग 1
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घूमने गए जीत और नंदिनी पहाड़ों में पहली मुस्कान
कुछ दिनों बाद दोनों हिमाचल की पहाड़ियों में थे। ठंडी हवा बह रही थी। दूर बर्फ से ढके पहाड़ चमक रहे थे । नंदिनी ने शायद पहली बार खुलकर सांस ली।
यहाँ कोई गुंडा नही था। कोई साजिश नहीं थी।
कोई डर नही था । सिर्फ वह और जीत थे। एक शाम दोनों झील के किनारे बैठे थे। सूरज डूब रहा था। पानी में सुनहरी रोशनी चमक रही थी ।
नंदिनी बोली — अगर उस रात तुम नही आते ….. तो शायद मैं जिंदा नही होती ।
जीत ने उसकी तरफ देखा । शायद किस्मत चाहती थी की,हम मिले, पहली बार दोनों की आंखे कुछ सेकेंड के लिये एक – दूसरे में खो गई।
विदेश यात्रा और जीत पहला बड़ा रहस्य
कुछ दिनों बाद सुरक्षा कारणों से दोनों चले गए। वहाँ एक बेहद शानदार होटल में ठहरे । होटल इतना भव्य था कि नंदिनी भीई प्रभावित हुई, रात को खाने के बाद बिल आया।
नंदिनी ने अपना कार्ड निकालना चाहा,,,,,,
लेकिन जीत ने उससे पहले ही अपनी जेब से एक चमकदार ब्लैक कार्ड निकाल दिया।
होटल मैनेजर का चेहरा अचानक बदल गया। वह सम्मान से झुक गया । वैलकम बैक, सर।
नंदिनी हैरान रह गई। अगले दिन उसने देखा, की जीत के पास एक गोल्ड कार्ड भी है। फिर एक और अंतर्राष्ट्रीय कार्ड। उसका शक बढ़ता जा रहा था।
एक चाय वाले के पास इतनी महंगे कार्ड ? यह सवाल उसके मन में बार – बार घूमने लगा।
जीत का पुराना दर्दनाक अतीत
उसी समय शहर से हजारों किलोमीटर दूर तक विशाल बंगले में एक आदमी अकेला बैठा था। उसके सामने जीत की पुरानी तस्वीर रखी हुई थी।
यह आदमी था …. विक्रम मल्होत्रा । देश के सबसे बड़े उद्योगपतियो में से एक ।
और जीत का पिता । कभी वह शराब में डूबा रहता था। गलत दोस्तों के साथ अय्याशी करता था। घर पर कम ध्यान देता था।
उसकी पत्नी अक्सर रोती रहती थी। एक दिन जीत ने हिम्मत करके कहा — पापा, यह सब गलत है।
माँ बहुत परेशान रहती हैं। अगर आप ही उनका साथ नहीं देंगे तो कौन देगा ? उस समय विक्रम शराब के नशे में था। गुस्से मे उसने जीत पर हाथ उठा दिया।
और घर से निकल जाने को कह दिया।
जीत उसी दिन चला गया, लेकिन उसके जाने के बाद विक्रम की जिंदगी बदल गई। उसने शराब छोड़ दी ।
गलत लोगो से दूरी बना ली। खुद को बदल लिया । लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
उसका बेटा गायब हो चुका था। आज भी हर रात वह उसकी तस्वीर देखकर कहता था — बस एक बार लौट आ बेटा ….. मैं सब ठीक कर दूँगा।
शादी के बाद भी पत्नी का बॉयफ्रेंड
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राजवीर सिंघानिया का पुराना दोस्त
उसी दौरान विक्रम को नंदिनी सिंघानिया के गायब होने की खबर मिली, यह नाम सुनते ही वह चौंक गया। राजवीर सिंघानिया उसका सबसे करीबी दोस्त था।
दोनों ने मिलकर बहुत से प्रोजेक्ट किये थे साथ में।
और वह राजवीर के छोटे भाई को भी जानता था। उसे पहले से ऐसा लगता था, कि महावीर बहुत लालची और खतरनाक इंसान है।
तभी उसके मन में सवाल आया कि क्या नंदिनी के साथ महावीर ने कुछ गलत किया है ?
उसने तुरंत जांच के लिये बोला।
नंदिनी का अब और ज्यादा बढ़ता शक
विदेश में एक शाम को जब होटल के बालकनी मे नंदिनी खड़ी थी। नीचे एक चमकता शहर दिख रहा था। तभी जीत के फोन पर कॉल आया।
जीत कुछ दूर जाकर बात करने लगा। उसकी पूरी आवाज बदली लगी।
वह किसी बड़े अधिकारी की तरह बोल रहा था । नंदिनी दूर से सब कुछ देख रही थी।
अब उसे पूरा यकीन होने लगा कि जीत वैसा बिल्कुल नही जैसा वह दिखाता है। उसके पास कोई बहुत बड़ा राज है ? और वह राज जल्द ही सामने आएगा……।
अब कहानी का भाग 3 समाप्त…….
भाग 4 में …..क्या होगा जानिए
क्या जीत की असली सारी पहचान का होगा खुलासा। , नंदिनी को लगेगा सबसे बड़ा झटका। , और हो पाएगा पिता – पुत्र का मिलन ।
महावीर की खतरनाक आखिरी कोशिश, नंदिनी का अपहरण , मौत की फैक्ट्री में अंतिम युद्ध। , रौनक और महावीर का अंत।
कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का असली में प्यार होना। , और जीत – नंदिनी की शादी।
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